पंचकूला। कोरोना के बढ़ते मामलों को ध्यान में रखकर सिविल अस्पताल सेक्टर-6 में कुल 258 कोविड डेडीकेटिड बेड्स की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा 58 आईसीयू बेड, 55 वेंटिलेटर और 50 बाइपंप भी उपलब्ध हैं। ओजस अस्पताल में 98, एल्केमिस्ट में 56 और पारस में 68 समेत कुल 222 बेड कोविड मरीजों के लिए आरक्षित हैं। इनको आवश्यकतानुसार बढ़ाया भी जा सकता है। सेक्टर-1 स्थित लघु सचिवालय के सभागार में उपायुक्त महावीर कौशिक ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और निजी अस्पतालों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। इस दौरान उपायुक्त ने कोरोना के बढ़ते मामलों के मद्देनजर स्थिति से निपटने के लिए की जा रही तैयारियों की समीक्षा की। उपायुक्त ने कहा कि हाल ही में कोविड के सक्रिय मामलों में वृद्धि दर्ज की गई है।
इस स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध पूरे किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा कोरोना के फैलाव को रोकने के निर्देश जारी किए गए हैं, जिन्हें पंचकूला में भी प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। बैठक में उपायुक्त ने नागरिक अस्पताल सेक्टर-6 के साथ-साथ ओजस अस्पताल, एल्केमिस्ट और पारस अस्पताल में कोविड बेड, वेंटिलेटर, बाइपंप की उपलब्धता के बारे में जानकारी हासिल की। उन्होंने ओजस अस्पताल, एल्केमिस्ट और पारस अस्पताल को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने अस्पतालों में प्राथमिकता के आधार पर पीएसए प्लांट लगाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार 50 बेड से अधिक क्षमता वाले अस्पतालों के लिए पीएसए प्लांट लगाना अनिवार्य है।
नागरिक अस्पताल में 300 लीटर का लगा पीएसए प्लांट
नागरिक अस्पताल में 6 हजार लीटर क्षमता का एलएमओ प्लांट क्रियाशील है। इसके माध्यम से सभी बेड्स की ऑक्सीजन आपूर्ति की जा रही है। इसके अलावा नागरिक अस्पताल में ही 10 हजार लीटर क्षमता का एलएमओ प्लांट एक सप्ताह के भीतर चालू हो जाएगा। सेक्टर-6 नागरिक अस्पताल में 300 लीटर क्षमता का पीएसए प्लांट लग चुका है। इसमें 30 बेड्स को ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा सकती है। कालका में 133 लीटर क्षमता का पीएसए प्लांट का केवल इलेक्ट्रिकल कार्य होना शेष है। इस पीएसए प्लांट से 10 से 12 बेडों को ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा सकेगी। बैठक में बताया गया कि हरियाणा राज्य औद्योगिक आधारभूत संरचना निगम (एचएसआईआईडीसी) के माध्यम से सिविल अस्पताल में एक हजार लीटर क्षमता का पीएसए प्लांट लगाना प्रस्तावित है।
ओजस, एल्केमिस्ट और पारस में बेड आरक्षित
बैठक में बताया गया कि ओजस अस्पताल में 98, एल्केमिस्ट में 56 बेड कोविड मरीजों के लिए आरक्षित किए गए हैं। इसके अलावा दोनों निजी अस्पतालों में 8-8 वेंटिलेटर की सुविधा भी उपलब्ध है। पारस अस्पताल में कोविड के मरीजों के लिए 68 बेड आरक्षित किए गए हैं, जो कि स्थिति को देखकर 100 तक बढ़ाए जा सकते हैं। इस अस्पताल में 6 बाइपंप/वेंटिलेटर उपलब्ध हैं। जिले में कार्यरत सभी छोटे-बड़े प्राइवेट अस्पतालों को मिलाकर बेड्स की उपलब्धता 600 तक बढ़ाई जा सकती है। इस मौके पर उप सिविल सर्जन डॉ. नीरू कपूर, डॉ. शिवानी और डॉ. राजीव नरवाल सहित ओजस, एल्केमिस्ट और पारस अस्पताल के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।