अदालत का फैसला: एक साल की प्रोबेशन पर रिहा आरोपी, शर्तों के उल्लंघन पर लागू होगी मूल सजा
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। वर्ष 2016 के चाकूबाजी मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत ने आरोपियों की दोषसिद्धि बरकरार रखते हुए सजा में राहत दी है। अदालत ने सेक्टर-21 निवासी शेखर और मुकेश को एक वर्ष की प्रोबेशन पर रिहा करने का आदेश दिया है।
मामले के अनुसार, 25 मई 2016 को शिकायतकर्ता नंदी दोपहर करीब 2:30 बजे अपने घर से सेक्टर-11 स्थित कार्यस्थल जा रहा था। रास्ते में मस्जिद के पास आरोपियों ने उसे रोककर चाकू से हमला कर दिया। घायल अवस्था में नंदी किसी तरह घर पहुंचा, जिसके बाद परिजनों ने उसे सेक्टर-6 के सामान्य अस्पताल में भर्ती कराया। घटना के आधार पर थाना सेक्टर-5 में एफआईआर दर्ज की गई थी।
जांच के दौरान पुलिस ने गवाहों के बयान दर्ज किए, घटनास्थल का निरीक्षण किया और आरोपियों को गिरफ्तार कर चालान पेश किया। ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष ने शिकायतकर्ता, डॉक्टर और पुलिस अधिकारियों सहित छह गवाह पेश किए। मेडिकल रिपोर्ट और चाकू की बरामदगी जैसे साक्ष्य भी अदालत में प्रस्तुत किए गए।
ट्रायल कोर्ट ने 21 मई 2019 को दोनों आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 324 और 341 के तहत दोषी ठहराया था। 27 मई 2019 को सुनाई गई सजा में उन्हें एक वर्ष 15 दिन की साधारण कैद और 5000-5000 रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया गया था।
आरोपियों ने इस फैसले के खिलाफ अपील दायर की, लेकिन सुनवाई के दौरान उन्होंने दोषसिद्धि को चुनौती नहीं दी और केवल सजा में राहत की मांग की। अदालत ने माना कि दोनों आरोपी पहली बार अपराध में शामिल हुए हैं और लंबे समय से मुकदमे का सामना कर रहे हैं।
इन परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने सजा में संशोधन करते हुए उन्हें एक वर्ष की प्रोबेशन पर रिहा करने का आदेश दिया। साथ ही 50 हजार रुपये के मुचलके और 5000 रुपये मुआवजा 15 दिनों के भीतर जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि शर्तों का पालन न करने पर मूल सजा लागू होगी।