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एसएससी परीक्षा नकल कांड: ब्लूटूथ डिवाइस सप्लायर की अग्रिम जमानत खारिज

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कोर्ट सख्त: नेटवर्क उजागर करने को कस्टोडियल पूछताछ जरूरी, राष्ट्रीय परीक्षा में नकल को बताया गंभीर अपराध
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माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। एसएससी (एमटीएस) 2026 परीक्षा में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के जरिए नकल कराने के मामले में अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए एक अहम आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। एडिशनल सेशन जज डॉ. हिमांशु सिंह की अदालत ने आरोपी सुर्या देव को राहत देने से इनकार करते हुए कस्टोडियल पूछताछ को जरूरी बताया।
अदालत ने कहा कि नकल कराने वाले पूरे नेटवर्क, डिवाइसों के स्रोत और उनके इस्तेमाल के तरीके (मॉडस ऑपरेंडी) का खुलासा अभी बाकी है। बिना हिरासत में पूछताछ के सच्चाई सामने लाना संभव नहीं होगा।
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सरकारी पक्ष ने दलील दी कि जांच एजेंसी को यह पता लगाना है कि इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस कहां से लाए गए, किन-किन लोगों को सप्लाई किए गए और यह नेटवर्क कितने अभ्यर्थियों तक फैला है। अदालत ने परीक्षा जैसे राष्ट्रीय महत्व के मामलों में नकल को गंभीर अपराध मानते हुए आरोपी को राहत देने से इनकार कर दिया।

आरोपी की दलीलें नहीं मानी गईं
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने कहा कि आरोपी का नाम केवल सह-आरोपी ज्योति के बयान में सामने आया है, जो पहले ही जमानत पर है। साथ ही आरोपी के पास से कोई बरामदगी नहीं हुई और वह जांच में सहयोग करने को तैयार है।

वहीं सरकारी वकील पवन बिश्नोई ने तर्क दिया कि आरोपी का मोबाइल फोन, इस्तेमाल किया गया वाहन और अन्य अभ्यर्थियों तक डिवाइस पहुंचाने की कड़ी अभी सामने आनी बाकी है। यदि आरोपी को जमानत दी गई तो वह गवाहों को प्रभावित कर सकता है और सबूतों से छेड़छाड़ कर सकता है। अदालत ने इन दलीलों को स्वीकार करते हुए याचिका खारिज कर दी।

यह है मामला
5 फरवरी 2026 को रायपुररानी क्षेत्र के मौली स्थित एक परीक्षा केंद्र में एसएससी एमटीएस परीक्षा के दौरान दूसरी शिफ्ट में दो अभ्यर्थियों—अमन और सुनील कुमार—को इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के साथ पकड़ा गया था। उनके पास ईयरबड और वॉकी-टॉकी जैसे ब्लूटूथ उपकरण मिले थे, जिन पर टेप लगा हुआ था।
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परीक्षा केंद्र के स्टेट हेड योगेश सेहगल की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया। पूछताछ में अमन ने सुर्या देव और ज्योति का नाम लिया। आरोप है कि सुर्या देव ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के गेट नंबर-3 के पास अमन को ये डिवाइस उपलब्ध कराए थे।

पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है।
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