पंचकूला। नगर निगम की ओर से डोर-टू डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए लगाए टेंडर में सबसे कम दर 2340 रुपये प्रति टन कूड़ा उठाने के लिए एजेंसी तैयार हो गई है। जिस दिन से एजेंसी के जरिए कूड़ा उठाने का काम शुरू होगा, उस दिन से लोगों को मासिक भुगतान नहीं करना पड़ेगा। पूरे निगम एरिया से करीब 145 टन रोजाना कूड़ा निकलता है। चयनित एजेंसी को हर घर से कूड़ा इकट्ठा करना होगा। कामर्शियल एरिया, पब्लिक और आवासीय एरिया के डस्टबिनों से भी कूड़ा उठाना होगा। गाड़ियों पर कूड़ा एकत्रित करने के लिए समय सारणी लिखनी होगी। एजेंसी को पिट्स, विंडरोज, बायो मेथेनेशन, आरडीएफ पेलेट्स इत्यादि प्लांट का टेक्नोलॉजी के हिसाब से नगर निगम की सलाह से प्रोसेसिंग करनी होगी।
1145 करोड़ का लगाया था टेंडर
नगर निगम ने 11.45 करोड़ रुपये का टेंडर लगाया था, लेकिन न्यूनतम बिड 14 करोड़ रुपये की मिली, जोकि निगम द्वारा निर्धारित राशि से ढाई करोड़ रुपये अधिक थी। इसी के चलते नगर निगम और अधिकारियों के बीच दो दौर की बातचीत हुई। 2340 रुपये प्रति टन तक कंपनी मान गई है। शहर भर से रोजाना 145 टन गारबेज उठता है। निगम ने काफी मंथन करके 2177 रुपये प्रति टन के हिसाब से टेंडर लगाकर बिडर्स को आमंत्रित किया था। अब मिनिमम बिड 2590 रुपये टन के हिसाब से मिली। कंपनी को मौके पर प्लांट भी लगाना है, जिससे गारबेज का डिस्पोजल हाथ के हाथ सुनिश्चित होगा।
एनजीटी की हिदायतों के अनुसार वेस्ट एकत्रित करना होगा
मेयर कुलभूषण गोयल ने बताया कि एजेंसी को शहर के किसी भी घर से, वल्क वेस्ट जनरेटर, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन से कोई भी चार्ज लेने का अधिकार नहीं होगा। एजेंसी को एनजीटी की हिदायतों के अनुसार वेस्ट एकत्रित करना होगा। शहर के कूड़े को अलग-अलग करके डंपिंग ग्राउंड तक पहुंचाना होगा। अर्बन लोकल बॉडी विभाग की कंसल्टेशन के हिसाब से पूरा कूड़ा 12 बजे से पहले एकत्रित करना होगा। पूरी मॉनिटरिंग के तहत मैनेजमेंट इनफॉरमेशन सिस्टम, सीसीटीवी कैमरा, इलेक्ट्रॉनिक वेट ब्रिज, मूवेबल इन्वेंटरी, रेडियो फ्रिकवेंसी, एडेंटीफिनेशन डिवाइस लगानी होगी। मेयर कुलभूषण गोयल ने कहा कि इस समय शहर से जो लोग कूड़ा इकट्ठा कर रहे हैं, उनको भी एजेंसी के जरिए एडजस्ट किया जाएगा, ताकि किसी का रोजगार ना छीनें।
मनमाना वसूलते हैं पैसा
इस समय शहर के सेक्टरों में कई कूड़ा इकट्ठा करने वाले लोग काम कर रहे हैं, जोकि शहरवासियों से मनमाने रेट्स वसूल ले रहे हैं। अपनी मर्जी से कूड़ा इकट्ठा करने आते हैं और कई बार आते भी नहीं है। इस कारण लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। अब नगर निगम द्वारा एजेंसी को काम सौंपने के बाद शहर वासियों को ऐसी दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा। इस समय यह लोग कूड़ा भी अलग नहीं करते, जिस कारण स्वच्छ सर्वेक्षण में भी निगम को काफी नंबरों का नुकसान उठाना पड़ता है।