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अनुबंध पर लगाकर किया सेवा विस्तार, हाईकोर्ट पहुंचा मामला तो नियुक्ति रोकी

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चंडीगढ़। हरियाणा फायर सर्विस विभाग के डिप्टी डायरेक्टर पद पर अनुबंध भर्ती करने और इसको चार बार सेवा विस्तार देने के मामले में हरियाणा सरकार बैकफुुट पर आ गई है। हाईकोर्ट को बताया गया कि फिलहाल इस नियुक्ति को रोक दिया गया है। अगली सुनवाई पर हरियाणा सरकार को बताना होगा कि रणबीर सिंह पराशर को किस आधार पर नियुक्ति दी गई।
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याचिका दाखिल करते हुए फायर सर्विस विभाग में सुपरिटेंडेंट पद पर कार्यरत संजीव कुमार ने डिप्टी डायरेक्टर पद पर लगातार अनुबंध आधार पर नियुक्त रणबीर सिंह पराशर को सेवा विस्तार देने को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। सीनियर एडवोकेट अमित झांजी और एडवोकेट अभिषेक कुमार के माध्यम से हाईकोर्ट को बताया गया कि याची ने अरबन लोकल बॉडी विभाग में 1990 में क्लर्क के पद पर नियुक्ति पाई थी और बाद में प्रमोशन पाकर वह सुपरिटेंडेंट बन गए। 2014 में फायर सर्विस निदेशालय की स्थापना की गई और याची इस विभाग में रहा। 2016 में फायर सर्विस रूल बने और रणबीर सिंह पराशर को अनुबंध आधार पर डिप्टी डायरेक्टर नियुक्ति दे दी गई। इसके बाद लगातार उन्हें सेवा विस्तार दिया गया। याची ने कहा कि वह विभाग में सबसे वरिष्ठ है और इस पद के लिए दावेदार है बावजूद इसके नियमों के खिलाफ जाकर लगातार अर्बन लोकल बॉडी विभाग तथा फायर सर्विस विभाग के डायरेक्टर जनरल उसे सेवा विस्तार दे रहे हैं। अभी हाल ही में उनकी सेवाओं को एक वर्ष के लिए या फिर नियमित नियुक्ति होने तक बढ़ा दिया गया। याचिका पर हरियाणा सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि फिलहाल उनकी सेवा विस्तार से जुड़े आदेश रोक दिए गए हैं। हाईकोर्ट ने अब हरियाणा सरकार से पूछा है कि किस आधार पर अनुबंध के तहत नियुक्ति की गई और सेवा विस्तार दिया गया।
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