खरड़। राज्य सरकार जहां राज्य में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बड़ी-बड़ी बातें कर रही है, वहीं स्थानीय शहर खरड़ में बिल्डरों द्वारा बिना सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाए ही निर्माण कार्य किया जा रहा है। स्थानीय शहर के राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर 5 चंडीगढ़-लुधियाना रोड पर और गांव भागोमाजरा के टोल प्लाजा के पास एक कमर्शियल मार्केट का काम जोरों पर चल रहा है। हैरानी की बात यह है कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर बन रही इतनी बड़ी मार्केट पर किसी भी नगर परिषद अधिकारी या सरकारी अधिकारी की नजर नहीं पड़ी है। बता दें कि बिल्डर द्वारा इस कमर्शियल प्रोजेक्ट में न तो किसी प्रकार का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाया जा रहा है, न ही पीने के पानी की टंकी बनाई गई है और न ही किसी प्रकार का ग्रीन एरिया रखा गया है।
सूत्रों के अनुसार उक्त बिल्डर ने कथित तौर पर अपने कमर्शियल भवन का केवल सिंगल-सिंगल नक्शा ही स्वीकृत करवाया है, जबकि उक्त जगह पर चार शोरूम बनाए जा रहे हैं जो पूरी तरह से नियमों के विरुद्ध है। अब सवाल उठता है कि इतने बड़े बाजार के सीवरेज का पानी कहां जाएगा, जबकि इस प्रोजेक्ट के साथ न तो नगर परिषद खरड़ के पास कोई सीवरेज व्यवस्था है और न ही बिल्डर ने पानी के भंडारण के लिए कोई अतिरिक्त जगह की व्यवस्था की है।
व्यावसायिक परियोजनाओं में बने शोरूमों का पानी जमीन में गिराने का डर
इस परियोजना में एसटीपी प्लांट न होने के कारण बिल्डर द्वारा जमीन के अंदर सीवेज का पानी गिराने का डर बना हुआ है। बिल्डर ने जमीन में बोरिंग करके पाइप खोद दिया है, जिससे आसपास के क्षेत्र का भूजल प्रदूषित हो जाएगा। हैरानी की बात यह है कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
एसटीपी प्लांट लगाने के लिए नप अध्यक्ष ने भी जारी किया पत्र
कुछ दिन पहले खरड़ नगर परिषद अध्यक्ष अंजू चंद्रा ने भी शहर के बिल्डरों और डेवलपर्स को अपने-अपने प्रोजेक्टों और कॉलोनियों में एसटीपी प्लांट लगाने के लिए एक पत्र जारी किया था। इस पत्र के बाद भी इन बिल्डरों और कॉलोनाइजरों पर कोई असर होता नहीं दिख रहा है। इसी तरह हलका विधायक बीबी अनमोल गगन मान भी कई बार अपने बयानों में कह चुकी हैं कि जो कॉलोनाइजर अपनी कॉलोनियों या व्यावसायिक प्रोजेक्टों में एसटीपी प्लांट नहीं लगाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस मामले को लेकर जब कार्यकारी अधिकारी खरड़ सुखदेव सिंह से बात की तो उन्होंने कहा कि वह इस प्रोजेक्ट का निरीक्षण करवाएंगे और यदि कोई कमी पाई गई तो बिल्डर के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।