पंचकूला। नगर निगम वार्ड परिसीमन समिति से कांग्रेसी पार्षदों को हटाने के बाद नाराज कांग्रेसी पार्षद संदीप सोही ने अपने वकील दीपांशु बंसल के माध्यम से मुख्य सचिव, महानिदेशक शहरी स्थानीय निकाय विभाग, आयुक्त एवं सचिव शहरी स्थानीय निकाय विभाग, उपायुक्त पंचकूला व आयुक्त नगर निगम को कानूनी नोटिस भेजा है। संदीप सोही ने यह भी कहा कि सरकार ने सात दिन के भीतर नियमों के तहत समिति का गठन नहीं किया तो पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की शरण में जाएंगे।
संदीप सोही के अनुसार 28 जुलाई को इन अधिकारियों की सिफारिश पर गठित समिति में विपक्षी दल (कांग्रेस) के दो और तीन सदस्य सत्ताधारी पार्टी के थे। 16 सितंबर को जारी आदेश में विपक्षी सदस्यों को बिना किसी उचित कारण के हटाकर समिति में केवल सत्ताधारी पार्टी के पांच सदस्यों को शामिल कर दिया गया। संदीप सिंह ने जनता से अपील की है कि लोकतांत्रिक अधिकारों और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए जागरूक रहें।
जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग
संदीप सोही ने कहा कि अवैध रूप से गठित कमेटी पर रोक लगाकर नई कमेटी बनाई जाए। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया और संवैधानिक नियमों का स्पष्ट उल्लंघन बताया है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कार्रवाई से चुनावी प्रक्रिया में पक्षपात हो सकता है और जनता के अधिकारों का हनन होगा। संदीप सोही ने प्रशासन को कानूनी नोटिस जारी कर आदेश को तुरंत वापस लेने, विपक्षी सदस्यों को समिति में शामिल करने और सभी जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की है।
जानिए... क्या है मामला
उपायुक्त द्वारा भेजी गई कमेटी में कांग्रेस के दो पार्षदों संदीप सिंह सोही और गौतम प्रसाद का नाम शामिल था लेकिन आयुक्त एवं सचिव ने इन दोनों को बाहर कर इनकी जगह पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता के दो समर्थक वार्ड नंबर- 8 से पार्षद हरेंद्र मलिक और वार्ड नंबर- 1 से पार्षद नरेंद्र पाल सिंह लुबाना को शामिल कर लिया। मेयर और अधिकारी इस कमेटी में शामिल हैं। स्वीकृत की गई नई कमेटी में पार्षद जय कुमार कौशिक (वार्ड-5), सोनू बिड़ला (वार्ड- 12), रितु गोयल (वार्ड 3), हरेंद्र मलिक और नरेंद्र पाल सिंह लुबाना का नाम शामिल है।