फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राशन डिपो पर 20 रुपये में तिरंगा बेचने पर गरमाई सियासत

विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। हरियाणा के राशन डिपो में तिरंगे की बिक्री पर राजनीति गरमा गई है। करनाल में डिपो धारक के राशन लेने वालों को जबरदस्ती तिरंगा बेचने पर कांग्रेस और इनेलो ने सरकार पर निशाना साधा है। हुड्डा ने कहा कि डिपो धारकों के जरिये गरीबों को जबरदस्ती 20-20 रुपये में झंडे बेचना निंदनीय है। उन्होंने शेर के जरिये कहा, ‘तरस आता है मेरे हाकिम की फकीरी पर, जो गरीबों से उनके पसीने की कमाई मांगे।’
विज्ञापन

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने करनाल मामले का संज्ञान लेते हुए वीरवार को कड़े आदेश जारी किए। उन्होंने कहा कि कोई भी किसी को तिरंगा लेने के लिए बाध्य नहीं कर सकता। अगर कोई व्यक्ति तिरंगा नहीं लेता है तो उसकी किसी सेवा को न रोका जाए। हर घर तिरंगा अभियान के लिए स्वेच्छा से कोई भी तिरंगा ले सकता है। इस अभियान के लिए लोगों को जागरूक करें। कोई भी संस्था इस मुहिम में मदद करना चाहे तो स्थानीय डीसी के जरिये संपर्क कर सकती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हेमदा गांव में बिना तिरंगा लिए राशन नहीं देने के मामले में डिपो धारक की मासिक आपूर्ति तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दी है। डिपो धारक दिनेश कुमार राशन कार्ड धारकों को जबरदस्ती झंडे देकर विभाग और सरकार को बदनाम कर रहा था।
विज्ञापन

राज्य के खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले नियंत्रक ने कहा, यदि कोई डिपो धारक उपभोक्ताओं को दबाव डालकर जबरदस्ती झंडा बेचता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। लापरवाही सामने आने पर संबंधित क्षेत्र के अधिकारी, कर्मचारी भी जिम्मेदार होंगे। उनके विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी।
तिरंगा हमारी आन, बान और शान : हुड्डा
हुड्डा ने स्वतंत्रता दिवस के लिए अग्रिम शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने आजादी के 75 साल पूरे होने के मौके पर चलाए जा रहे तिरंगा अभियान को लेकर सरकार को आइना दिखाया। हुड्डा ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर सभी को तिरंगा फहराना चाहिए क्योंकि यह हमारी आन, बान और शान है लेकिन, गरीबों को जबरदस्ती न बेचा जाए।
आरा मशीन संचालकों से पैसे लिए जा रहे : अभय
इनेलो विधायक अभय चौटाला ने कहा कि सभी चाहते हैं कि आजादी का जश्न मनाएं। हमने 50 हजार झंडे सिरसा के डीसी को दिए, लेकिन उन्हीं झंडों को राशन डिपो के जरिये गरीब लोगों को 20 रुपये में जबरदस्ती बेचा जा रहा। झंडा न लेने पर राशन रोकना गलत है। झंडे में लगने वाले डंडे के लिए आरा मशीन संचालकों से दो हजार से पांच हजार रुपये लिए जा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें