मोहाली। पंजाब के पूर्व सैनिकों ने पटियाला में पुलिस द्वारा सेना के रि. कर्नल और उनके बेटे पर किए गए हमले की निंदा की है। साथ ही कहा है कि पंजाब में कानून व्यवस्था की विफलता को देखते हुए वहां राष्ट्रपति शासन लगाया जाना चाहिए।
वीरवार को फेज-10 में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रिटायर्ड ब्रिगेडियर हरबंत सिंह, कर्नल जीबी विर्क, लेफ्टिनेंट कर्नल एसएस सोही, कर्नल एएस संधू, कर्नल जेएस अठवाल, ब्रिगेडियर सरबजीत सिंह, ब्रिगेडियर कुलदीप सिंह काहलों, कैप्टन मक्खन सिंह ने कहा कि पटियाला में जिस तरह से पुलिस ने सेना के कर्नल व उसके बेटे के साथ मारपीट की, उससे पता चलता है कि पंजाब पुलिस व सरकार का उन पर कोई नियंत्रण नहीं है।
पूर्व सैनिकों ने कहा कि इस घटना से यह भी पता चलता है कि पुलिस और न्यायपालिका की नजर में सैन्य कर्मियों के प्रति कोई सम्मान नहीं है। राज्य सरकार प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति को संभालने में पूरी तरह विफल रही है। पंजाब पुलिस उनके साथ गुंडों और बदमाशों जैसा व्यवहार कर रही है।
एक सैन्य अधिकारी पर यह हमला किसी एक व्यक्ति पर नहीं, बल्कि पूरे सैन्य समुदाय की अखंडता पर हमला है। इस बीच, ब्रिगेडियर हरबंत सिंह के नेतृत्व में पूर्व सैनिकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन मोहाली के डीसी को भेजा। इसमें मांग की गई कि मामले की उच्चतम न्यायालय या उच्च न्यायालय के न्यायाधीश से जांच कराई जाए। साथ ही संलिप्त पुलिस अधिकारियों को तत्काल गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जाए।
पूर्व सैनिकों ने चेतावनी दी है कि यदि तत्काल कार्रवाई नहीं की गई तो पंजाब और भारत स्तर पर व्यापक विरोध प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें सरकारी समारोहों का बहिष्कार करना औरकानूनी लड़ाई भी लड़ी जाएगी।