पटियाला। पंजाब में मंगलवार को भी मूसलाधार बारिश का दाैर जारी रहा और मंडियों में पर्याप्त इंतजाम न हाेने के कारण दूसरे दिन भी खुले में रखा धान व अन्य फसलें भीगती रहीं।हालांकि किसानों ने अपने स्तर पर इंतजाम किए लेकिन भारी बारिश के आगे वो नाकाफी साबित हुए। पटियाला की नई अनाज मंडी में उठान नहीं होने की वजह से हजारों क्विंटल धान खुले में रखा हुआ था जो बारिश की भेंट चढ़ गया। माैसम विभाग की दो दिन भारी बारिश की चेतावनी के बावजूद सूबे की सभी अनाज मंडियों में प्रशासनिक स्तर पर घोर लापरवाही नजर आई जिस वजह से लाखों क्विंटल फसल पानी की भेंट चढ़ गई। किसानों का सीएम भगवंत मान से सवाल है कि बाढ़ में लाखों एकड़ फसल डूब गई, वह प्राकृतिक आपदा थी जिसपर किसी का जोर नहीं था लेकिन मंडियों में फसल की बर्बादी के लिए कौन जिम्मेदार है बताएं। मंगलवार को पटियाला में सबसे ज्यादा 41.0 एमएम बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा रूपनगर में 33.0 एमएम, लुधियाना में 24.4 एमएम, मोहाली में 10.0 एमएम, पठानकोट में 9.0 एमएम की बारिश दर्ज की गई। माैसम विभाग के अनुसार बुधवार से राहत मिलेगी और माैसम फिर शुष्क हो जाएगा। इससे तापमान में 2 से 3 डिग्री तक की वृद्धि की संभावना है।
पारा सामान्य से 9.6 डिग्री नीचे पहुंचा
दो दिन से हुई लगातार बारिश की वजह से दिन और रात के तापमान में काफी गिरावट दर्ज की गई। मंगलवार को सूबे का अधिकतम तापमान सामान्य से 9.6 डिग्री नीचे दर्ज किया गया। सबसे अधिक 30.5 डिग्री का अधिकतम पारा गुरदासपुर का दर्ज किया गया। वहीं पंजाब के न्यूनतम तापमान में 1.9 डिग्री की कमी दर्ज की गई। हालांकि पंजाब का न्यूनतम पारा फिलहाल सामान्य के पास बना है, लेकिन अमृतसर व पटियाला का न्यूनतम पारा सामान्य के नीचे दर्ज किया गया।