खेड़ा बागड़ा का राजकीय प्राइमरी स्कूल वर्षों से बंद
ग्रामीण कई बार कर चुके दोबारा शुरू करने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
मोरनी। खेड़ा बागड़ा का राजकीय प्राइमरी स्कूल पिछले कई वर्षों से बंद पड़ा है। देखरेख के अभाव में स्कूल भवन और परिसर अब डंपिंग यार्ड में तब्दील होता जा रहा है। परिसर में जगह-जगह भारी मात्रा में कचरा जमा है, जिसमें प्लास्टिक का कचरा अधिक है। गंदगी के कारण बीमारी फैलने का खतरा भी बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल को दोबारा शुरू करने की मांग कई बार उठाई गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
स्थानीय ग्रामीण ब्रिज भूषण, सोनू, रमेश कुमार आदि ने बताया कि बच्चों की संख्या कम होने के कारण विभाग ने स्कूल को बंद कर दिया था। स्कूल बंद होने के बाद भवन का समुचित रखरखाव नहीं हो पा रहा है। लंबे समय से बंद पड़े भवन में सामाजिक गतिविधियां होने के साथ लोग कचरा भी फेंक रहे हैं। इससे स्कूल परिसर में गंदगी बढ़ती जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि लाखों रुपये की लागत से बनाए गए स्कूल भवन की विभागीय अनदेखी के कारण हालत लगातार खराब हो रही है। यदि समय रहते इसकी देखभाल नहीं की गई तो सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचने के साथ भवन भी जर्जर हो सकता है।
स्थानीय पंचायत और ग्रामीण कई बार संबंधित विभाग से स्कूल को दोबारा शुरू करने की मांग कर चुके हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से स्कूल परिसर से तत्काल कचरा हटवाने, भवन की साफ-सफाई और मरम्मत कराने की मांग की है। साथ ही स्कूल को दोबारा शुरू करने की संभावनाओं पर गंभीरता से विचार करने की अपील की है।