हरियाणा ट्रेजरी विभाग में बतौर क्लर्क कार्यरत था
मोहाली निवासी जगदीश से नौकरी दिलाने और रिश्तेदार को जेल से जमानत दिलवाने के लिए लिए 15 और 23 लाख
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। नौकरी और जेल में बंद आरोपी को जमानत दिलवाने के नाम पर 15 लाख और फिर 23 लाख की ठगी करने वाले सेक्टर-17 हरियाणा ट्रेजरी विभाग में तैनात आरोपी क्लर्क चैन सिंह को आर्थिक अपराध शाखा की टीम ने पिंजौर से गिरफ्तार किया है। रविवार को आरोपी को कोर्ट में पेश किया तो अदालत ने तीन दिन के रिमांड पर भेज दिया। आरोपी चैन सिंह के खिलाफ सोनीपत, कैथल, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, अंबाला और पंचकूला में कुल छह मामले दर्ज है। आरोपी के खिलाफ 2020 में मुकदमा दर्ज होने के बाद भी विभाग ने क्लर्क चैन सिंह के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है। धोखाधड़ी का आरोपी छह साल से ट्रेजरी विभाग में क्लर्क के तौर पर नौकरी कर रहा है।
इस तरह से की ठगी
आर्थिक अपराध शाखा प्रभारी इंस्पेक्टर कमलजीत सिंह ने बताया कि आरोपी चैन सिंह ने नौकरी और कोर्ट से जमानत दिलवाने के नाम से ठगी की है। आरोपी ने मोहाली निवासी जगदीश सिंह के रिश्तेदार को जमानत पर जेल से बाहर निकालने के नाम पर 15 लाख रुपये लिए थे। रिश्तेदार को जेल से बाहर न निकलवाने व रुपये वापस न करने पर पिंजौर थाने में शिकायत दी। आरोपी 2020 से लोगों को झांसे में लेकर ठगी करता रहा है। यह भी जानकारी मिली है कि हाईकोर्ट के जज से पहचान बताकर लोगों को अपनी बातों में लेकर रुपये की डिमांड करता था।
हरियाणा ट्रेजरी विभाग के जॉइंट डायरेक्टर को नहीं पता
जॉइंट डायरेक्टर मुकेश कुमार गांधी ने कहा कि ट्रेजरी क्लर्क के बारे में ठगी की कोई जानकारी नहीं है। आरोपी के खिलाफ विभाग की ओर से भी कार्रवाई की कोई अनुशंसा नहीं की गई है। उधर पुलिस विभाग का आरोप है कि जॉइंट डायरेक्टर मुकेश कुमार गांधी को 23 मार्च को ही मामले की जानकारी दे दी गई थी।