माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। झांसी के मेडिकल कॉलेज में आग लगने से 10 शिशुओं की मौत के बाद पंचकूला सिविल अस्पताल में इलाज कराने आए मरीजों में डर बना हुआ है। अभी तक सिविल अस्पताल के डी-ब्लाॅक की फायर एनओसी नहीं ली गई है। इस कारण मरीजों और तीमारदारों में डर बना हुआ है। डी-ब्लॉक में मरीजों की सबसे अधिक चहल-पहल रहती है। इसमें इमरजेंसी, लेबर रूम, एसएनसीयू (विशेष नवजात देखभाल इकाई), बच्चों के वार्ड, सर्जरी वार्ड ऑपरेशन थिएटर और रेडियोलॉजी विभाग आते हैं।
पंचकूला के इस विभाग को मदर एंड चाइल्ड केयर की बनी 11 मंजिला इमारत में शिफ्ट करना है, लेकिन अभी तक इसे शिफ्ट नहीं किया गया है। इस कारण बिना फायर एनओसी के यहां पर इलाज चल रहा है। अस्पताल प्रबंधन ने ऑक्सीजन कंसंट्रेटर सहित सभी जगह पर जांच की गई है। वार्ड में कई जगह सिलिंडर, फायर फाइटिंग सिस्टम, फायर अलार्म लगाए गए हैं, लेकिन इन्हे जांचा नहीं गया है। इस कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यहां बच्चे का इलाज कराने आई महिला सुखजीत सिंह ने बताया कि झांसी की घटना सुनकर डर बना हुआ है। इसे ठीक कराया जाना चाहिए। अस्पताल में सभी जगह चेकिंग भी होनी चाहिए। सेक्टर-19 की शैली शर्मा ने बताया कि इलाज के लिए बच्चों को रखा है। इस तरह की घटना सुनकर डर का माहौल बना है।
तीन हजार से अधिक मरीज आते हैं डी-ब्लाक में
पंचकूला सिविल अस्पताल सेक्टर-6 के डी ब्लाक में सबसे अधिक तीन हजार से अधिक मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं। इसमें इमरजेंसी, लेबर रूम, एसएनसीयू, पीडियाट्रिक वार्ड, सर्जरी वार्ड, ऑपरेशन थिएटर और रेडियोलॉजी विभाग आता है। यहां आग लगने की घटना हो जाए तो बड़ा हादसा हो सकता है। बिल्डिंग शिफ्ट करने के चक्कर में अभी तक इसकी एनओसी नहीं ली गई है। सेक्टर-6 सिविल अस्पताल में केवल ए ब्लॉक, बी ब्लॉक और सी ब्लॉक में एनओसी ली गई है जबकि डी ब्लॉक को शिफ्ट करने को लेकर एनओसी नहीं है। इस कारण हादसा हो सकता है। अभी तक इसकी समय पर फायर फाइटिंग सिस्टम एनओसी नहीं होने के कारण चेक नहीं होते है। इस कारण इस तरह के हालात बने हैं।
अस्पताल के सभी वार्डों की फायर एनओसी ली गई है। सभी जगह पर फायर फाइटिंग सिस्टम चलाए जा रहे हैं। अगर कहीं पर एनओसी नहीं है तो इसे चेक करेंगे। जल्द ही इसकी एनओसी कंपलीट की जाएगी। -डॉ. मुक्ता कुमार, सीएमओ, सिविल अस्पताल सेक्टर-6
अस्पताल के डी-ब्लॉक की एनओसी नहीं दी गई है। अन्य ब्लॉक की एनओसी दी गई है। इस वार्ड को जल्द ही नई बिल्डिंग मदर एंड चाइल्ड केयर अस्पताल में शिफ्ट करना है। इसलिए अभी तक इसकी एनओसी नहीं मांगी गई है। -तरसेम सिंह, फायर ऑफिसर, पंचकूला सेक्टर-5