पंचकूला। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की ओर से 12वीं कक्षा का रिजल्ट घोषित कर दिया गया है। इस बार 85.55 फीसदी विद्यार्थी इसमें उत्तीर्ण हुए। पंचकूला में 12वीं की परीक्षा में इस बार कुल 3598 विद्यार्थियों ने परीक्षा में हिस्सा लिया, इनमें से 3078 विद्यार्थियों ने परीक्षा उत्तीर्ण की है। जिले के कुल 381 विद्यार्थियों की कंपार्टमेंट आई है और 139 विद्यार्थी अनुत्तीर्ण रहे हैं। इस बारे में जानकारी देते हुए जिला शिक्षा अधिकारी उर्मिला देवी ने बताया कि राजकीय संस्कृति मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल बतौड़ की तानिया ने कॉमर्स स्ट्रीम के साथ सभी विषयों में सर्वाधिक अंक प्राप्त करके जिले में पहला स्थान प्राप्त किया है। वहीं सार्थक गर्वनमेंट मॉडल समेकित सीनियर सेकेंडरी स्कूल की मंदीप कौर ने 480 अंक प्राप्त करके जिले में पहला स्थान और प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। मेडिकल में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सेक्टर-6 की मानषी ने 474 अंक प्राप्त करके जिले में प्रथम स्थान अर्जित किया है। राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सेक्टर- 15 पंचकूला की जूली कुमारी ने आर्ट्स में 474 अंक प्राप्त कर दूसरा स्थान प्राप्त किया है।
शिक्षक बनना चाहती है तानिया
जिले में 481 अंक हासिल कर पहला स्थान हासिल करने वाली तानिया ने बताया कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि जिले में प्रथम स्थान आएगा। पहला स्थान पाना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि वह अर्थशास्त्र की अध्यापिका बनना चाहती हैं। खंड स्तर पर प्रथम आने का लक्ष्य अवश्य रखा था। आगे बीकॉम करने का विचार है। तानिया गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल बतौड़ की छात्रा हैं। अपनी सफलता का श्रेय विद्यालय के प्रधानाचार्य जितेंद्र कुमार, अध्यापकों और अभिभावकों को देती है। स्कूल में क्लास करने के अलावा रोजाना वह सात घंटे पढ़ती थीं। स्कूल से मिलने वाले काम को केवल पिता के फोन से ही किया। पढ़ाई के दौरान अपने मोबाइल का बैलेंस ही नहीं रखा। माता-पिता का पूरा सहयोग मिला। उनके पिता अमर सिंह ने बताया कि बेटी के जिले में प्रथम आने पर वह बहुत गर्व महसूस कर रहे हैं। विद्यालय के अध्यापकों का परिश्रम ही कहेंगे, जो उनकी बेटी ने यह मुकाम हासिल किया है।
आईएएस अधिकारी बनना चाहती हैं मंदीप कौर
आर्ट्स में टॉप करने वाली मंदीप कौर ने कहा कि मेहनत करने का परिणाम सामने आया है। मेरे माता-पिता पिंजौर ब्लॉक के सूरजपुर में रहते हैं। उनके पिता जमाल सिंह फार्मेसी में मेडिसन सप्लाई करते हैं और मां घर पर रहती हैं। उनकी पढ़ाई का पूरा योगदान नाना-नानी को जाता है। वह आईएएस अधिकारी बनना चाहती हैं। वह सार्थक सीनियर सेकेंडरी स्कूल सेक्टर-12ए में पढ़ती हैं। उनके आइडल उनके नाना बलवंत सिंह हैं। उन्होंने बताया कि अर्थशास्त्र की अध्यापिका इंदु अंग्रेजी की अध्यापिका अनुपमा और आईटी की अध्यापिका मीनाक्षी ने उन्हें प्रोत्साहित करते हुए गाइड किया। इस आधार पर उन्होंने यह सफलता हासिल की है। उन्होंने बताया कि उन्हें बैडमिंटन खेलना पसंद हैं। उन्होंने पढ़ाई करते हुए 480 अंक प्राप्त किए हैं। उनके नाना बलवंत सिंह ने बताया कि उसकी नानी और अध्यापकों की मेहनत है कि बच्ची ने आज इतने अच्छे अंक प्राप्त किए हैं।
डॉक्टर बनकर करना चाहूंगी लोगों की सेवा
सुपर-100 प्रतियोगिता से चुनकर आई मानषी ने जिले में मेडिकल में टॉप किया है। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सेक्टर-6 की छात्रा मानषी ने बताया कि वह अपने नतीजे से खुश हैं, लेकिन उन्हें खुद को लगता है कि वो इससे भी अच्छा कर सकती थी। उन्हें लगता है कि कहीं कमी रह गई है। अब नीट की तैयारी कर इस प्रतियोगिता को पास करना उनका लक्ष्य है। वे डॉक्टर बनकर पिता का नाम रोशन करना चाहती है। जीव विज्ञान की अध्यापिका उमा ने जिस निष्ठा से पढ़ाया, यह इसी का नतीजा है। उनसे ही एकाग्रता का गुण सीखने को मिला। पिहोवा के पास लगते गांव सौंती की रहने वाली मानषी की माता छीमा देवी ने बताया कि जब वह साढ़े तीन साल की थी तो उसके पिता का निधन हो गया था। वह खुद इस्माइलाबाद में आंगनबाड़ी वर्कर है।