चंडीगढ़। कोरोना महामारी से निपटने के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बुधवार को यहां सभी कैबिनेट मंत्रियों, राज्य मंत्रियों, विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और विभिन्न विभागों के प्रशासनिक सचिवों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की।
मुख्यमंत्री ने सबसे सुझाव और प्रतिक्रियाएं मांगीं। सभी ने अपने-अपने जिलों में कोविड-19 से निपटने के प्रबंधों की वर्तमान स्थिति से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।
मनोहर लाल ने कहा कि महामारी से निपटने के लिए शहरी और ग्रामीण में पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी वायरस का प्रसार दिखने लगा है, इसलिए ग्रामीण क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। यदि किसी के घर पर आइसोलेशन की सुविधा नहीं है तो उसे गांव में बनाए गए आइसोलेशन सेंटर में रखा जाएगा। इन टीमों को विशेष मेडिकल किट दी गई हैं, जिसमें आवश्यक दवाइयां, ऑक्सीमीटर, थर्मामीटर और अन्य उपकरण हैं। इन किट को होम आइसोलेशन वाले कोरोना मरीजों को वितरित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि बहु विषयक टीमों को निर्देश दिए गए हैं कि जिन व्यक्तियों में कोविड-19 के गंभीर लक्षण दिखते हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल में दाखिल किया जाए। उनका लक्ष्य है कि कोरोना महामारी की दूसरी लहर से गांव स्तर पर ही मजबूती के साथ लड़ा जा सके। रोडवेज की 110 मिनी बसों को एंबुलेंस के रूप में बदला गया है। प्रत्येक जिले में 5 एंबुलेंस भेजी जा रही हैं। इनके अतिरिक्त जल्द ही और मिनी बसों को एंबुलेंस के रूप में बदलकर गांवों में भेजा जाएगा, जिन्हें पीएचसी व सीएचसी के निकट तैनात किया जाएगा। मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि कोविड-19 मामलों में वृद्धि को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अब प्रति दिन लगभग 60,000 टेस्ट करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। ग्रामीण स्वास्थ्य जांच अभियान के दौरान, आरटीपीसीआर टेस्ट के साथ-साथ रैपिड एंटीजन टेस्ट पर भी अधिक ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा पूरे राज्य में मौजूदा प्रयोगशालाओं की परीक्षण क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ जल्द ही मॉलिक्यूलर परीक्षण प्रयोगशाला स्थापित करेंगे।
ऑक्सीजन सिलिंडर के 4393 आवेदन आए
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सचिवालय चंडीगढ़ में ऑक्सीजन सप्लाई की निगरानी के लिए राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम बनाया गया है। जरूरतमंद मरीजों को घरद्वार पर ऑक्सीजन सिलिंडरों की आपूर्ति 9 मई से शुरू कर दी गई है। इसके लिए मरीजों या उनके परिजनों को www.o&ygenhry.in पोर्टल पर पंजीकरण करवाना होगा। इस पोर्टल पर अब तक कुल 4,393 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 1502 आवेदकों के घर ऑक्सीजन पहुंचाई है। 1326 आवेदकों के घर भी ऑक्सीजन सिलिंडर पहुंचाया जाएगा। पोर्टल पर 363 समाजसेवी संस्थाओं ने घर द्वार ऑक्सीजन सिलिंडर की आपूर्ति के लिए पंजीकरण करवाया है, जिनमें से 332 समाजसेवी संस्थाओं का पंजीकरण स्वीकृत हो चुका है।