कोरोना वायरस के चलते फूड एंड ड्रग्स विभाग की ओर से सेक्टर- 6 की केमिस्ट शॉप पर जांच के बाद उस समय तनाव की स्थिति पैदा हो गई, जब रेड करने आई टीम और एक केमिस्ट के बीच कहासुनी हो गई। जिसका विरोध कर केमिस्टों ने दुकानें बंद कर दी। एक घंटा अचानक दुकानें बंद होने के बाद जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया और पंचकूला के उपायुक्त को हस्तक्षेप करके दुकान खुलवाने पड़ी।
मिली जानकारी के अनुसार फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन हरियाणा के कमिश्नर की ओर से निर्देश दिए गए थे कि मास्क और हैंड सैनिटाइजर को लेकर केमिस्ट शॉप्स पर जांच की जाए। प्रोविजन ऑफ एसेंशियल कमोडिटीज एक्ट 1995 को लागू करवाया जाए।
जिसके तहत सीनियर ड्रग कंट्रोल ऑफिसर के नेतृत्व में टीमें बनाई गई। उसके बाद से लगातार केमिस्ट की दुकानों पर सर्जिकल एंड प्रोटेक्टिव मास्क हैंड सेनेटाइजर की जांच की जा रही थी। मंगलवार को सेक्टर 6 में जब टीम द्वारा कुछ दुकानों पर हैंड सेनेटाइजर और मास्क को लेकर कहासुनी हुई, तो दुकानदारों ने एकजुटता दिखाते हुए अपनी दुकानों के शटर गिरा दिए। इसके बाद भाजपा नेता और केमिस्ट एसोसिएशन के वरिष्ठ पदाधिकारी बीबी सिंगल को मौके पर बुला लिया गया।
डिस्ट्रिक केमिस्ट एसोसिएशन पंचकूला के महासचिव संजीव गोयल ने बताया कि केमिस्टों ने डीसी को मिलकर ज्ञापन सौंपा। जिसमें उन्होंने कहा कि केमिस्ट किसी भी तरह की कालाबाजारी में नहीं जुटे हुए हैं। हमारी कोशिश है कि लोगों को अधिक से अधिक मास्क और हैंड सैनिटाइजर मिलें। कोई भी केमिस्ट प्रिंट रेट से अधिक दाम पर दवाइयां, मास्क या हैंड सैनिटाइजर नहीं बेच रहा है। उन्होंने बताया कि पहले इनकी आवश्यकता डाक्टरों, अस्पतालों और एटेंडेंटस को थी, लेकिन अब अचानक से आम लोगों में भी इसकी मांग बढ़ गई है। केमिस्ट पहले केवल 20 या 30 ही मास्क लाते थे। इसलिये हमारे कोई प्रॉपर सप्लायर नहीं है। इसलिये प्रशासन को दखल देकर मांग के अनुसार निर्धारित रेट्स पर मास्क और हैंड सैनिटाइजर उपलब्ध करवाने चाहिए।