ईडी की बड़ी कार्रवाई, 131.13 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। नगर निगम पंचकूला के 107.24 करोड़ रुपये के बहुचर्चित कोटक महिंद्रा बैंक घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नौ आरोपियों के खिलाफ विशेष पीएमएलए अदालत में अभियोजन शिकायत (चार्जशीट) दाखिल की है। साथ ही मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत 131.13 करोड़ रुपये की संपत्ति अस्थायी रूप से कुर्क की गई है। ईडी का दावा है कि एफआईआर दर्ज होने के चार माह के भीतर गबन की गई पूरी राशि को ट्रेस कर उससे जुड़ी संपत्तियां अटैच कर ली गई हैं।
ईडी ने जांच हरियाणा एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। जांच में सामने आया कि कोटक महिंद्रा बैंक के तत्कालीन डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट पुष्पिंदर सिंह, नगर निगम अधिकारी विकास कौशिक और बैंक कर्मचारी दिलीप राघव ने कथित मिलीभगत से नगर निगम के नाम पर दो अनधिकृत बैंक खाते खुलवाए। फर्जी प्राधिकरण पत्रों के जरिए नगर निगम के वास्तविक खातों से करोड़ों रुपये इन खातों में ट्रांसफर किए गए। जांच में बैंक अधिकारी सतीश कुमार की भूमिका भी सामने आई है।
ईडी के अनुसार आरोपियों ने नगर निगम के बैंक खातों से जुड़े मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी बदलकर अपने नियंत्रण वाले नंबर और ई-मेल जोड़ दिए, जिससे सुरक्षा प्रक्रिया को दरकिनार कर धन का लेन-देन किया जाता रहा। बाद में यह राशि विभिन्न व्यक्तियों और कंपनियों के खातों में भेजी गई तथा निवेश और संपत्तियों की खरीद के जरिए धन को छिपाने का प्रयास किया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि गबन की राशि से पोर्श, बीएमडब्ल्यू, जीप रैंगलर, टोयोटा लैंड क्रूजर और हार्ले डेविडसन समेत कई लग्जरी वाहन खरीदे गए। ईडी ने 22 अप्रैल 2026 को कई ठिकानों पर छापेमारी कर महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य भी बरामद किए थे।
ईडी के अनुसार कुल 131.13 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की गई है, जिसमें 12.85 करोड़ रुपये बैंक खातों में जमा राशि और 118.28 करोड़ रुपये मूल्य की अचल संपत्तियां शामिल हैं। मुख्य आरोपी पुष्पिंदर सिंह को एक जून 2026 को गिरफ्तार किया जा चुका है। एजेंसी का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है।