फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लापरवाही: चंडीगढ़ वर्ल्ड क्लास रेलवे स्टेशन फायर एनओसी के बिना ही शुरू, सुरक्षा मानक नहीं हो पा रहे पूरे

Thu, 15 Jan 2026 02:52 PM IST
निवेदिता वर्मा दीपक शाही, अमर उजाला, पंचकूला

सार

करीब सात माह पहले रेलवे स्टेशन बिल्डिंग की फायर एनओसी के लिए आवेदन किया गया था। दमकल विभाग ने एनओसी प्लान में आपत्तियां जताईं और मानक पूरा कर दोबारा आवेदन के निर्देश दिए। आठ माह बाद भी कांट्रैक्टर ने मानक पूरे नहीं किए।
विज्ञापन
चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

चंडीगढ़ का वर्ल्ड क्लास रेलवे स्टेशन सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर संचालित हो रहा है। हैरानी की बात यह है कि स्टेशन परिसर की पंचकूला और चंडीगढ़ साइड की इमारतें फायर एनओसी के बिना जनता के लिए खोली गई हैं जबकि यहां रोज हजारों यात्रियों की आवाजाही होती है।

विज्ञापन


रेलवे विशेषज्ञों का मानना है कि हाल ही में ओडिशा के झारसुगुड़ा रेलवे स्टेशन पर प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर सिग्नल एंड टेलीकॉम कार्यालय में लगी आग से भी सबक नहीं लिया गया। यात्रियों और लोगों का कहना है कि हाई-फुटफॉल वाले सार्वजनिक स्थलों पर फायर एनओसी अनिवार्य होती है। बावजूद इसके नियमों की अनदेखी करना प्रशासनिक लापरवाही के साथ-साथ यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ है।
सात माह पहले आवेदन, अब तक इंतजार

करीब सात माह पहले रेलवे स्टेशन बिल्डिंग की फायर एनओसी के लिए आवेदन किया गया था। दमकल विभाग ने एनओसी प्लान में आपत्तियां जताईं और मानक पूरा कर दोबारा आवेदन के निर्देश दिए। आठ माह बाद भी कांट्रैक्टर ने मानक पूरे नहीं किए। अधिकारी लगातार दबाव बना रहे हैं लेकिन कानूनी मानकों को पूरा करने की प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हो पाई।

फायर सुरक्षा मानक पर आधिकारिक निर्देश

फायर टेंडर के चारों तरफ पहुंच सुनिश्चित करने के लिए अप्रोच बनाने के निर्देश।

विज्ञापन

फायर हाईड्रेंट की लोकेशन कम और ज्यादा करने के लिए निर्देश।

चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन की बिल्डिंग को खोलने का आदेश दमकल विभाग की ओर से नहीं दिया गया है। फायर एनओसी के लिए आवेदन मिला था लेकिन मानक पूरे नहीं थे। -गुलशन कालरा, फायर ऑफिसर, एमसी यूटी चंडीगढ़

फायर एनओसी का समय जनवरी में तय था लेकिन अबतक एनओसी जारी नहीं हुई है। रेल भूमि विकास प्राधिकरण से जवाब मिलने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। - विनोद भाटिया, डीआरएम, अंबाला डिवीजन रेलवे

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें