अपने ही ट्यूशन के छात्र का यौन शोषण करनी वाली महिला टीचर को अदालत ने 10 साल की सजा सुनाई है। पॉक्सो एक्ट के तहत सोमवार को एडीजे फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने दोषी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया, जिसे न भरने पर अतिरिक्त 6 माह की सजा सुनाई है।
मामला वर्ष 2018 का है। चंडीगढ़ में एक नाबालिग छात्र को ट्यूशन पढ़ाने वाली महिला टीचर पर उसके यौन शोषण का आरोप लगा था। पुलिस की छानबीन में यह बात सामने आई थी कि महिला टीचर ने 14 साल के छात्र के साथ आठ महीने तक यौन संबंध बनाए। इस दौरान छात्र पर तरह तरह के दबाव भी डाले गए। उस समय टीचर की उम्र 34 वर्ष थी।
डीएसपी साउथ हरजीत कौर के मुताबिक, सितंबर 2017 से नौवीं क्लास का पीड़ित छात्र पास में ही साइंस टीचर के पास ट्यूशन पढ़ने जाता था। छात्र के साथ उसकी छोटी बहन भी ट्यूशन पढ़ती थी। हालांकि, कुछ दिनों बाद महिला टीचर ने छात्र की छोटी बहन को यह कहकर ट्यूशन पढ़ाने से मना कर दिया कि वह अपने भाई की पढ़ाई में दिक्कतें खड़ी करती है। इसके बाद छात्र अकेले ट्यूशन पढ़ने लगा। बाद में वह पढ़ने जाने से कतराने लगा।
ट्यूशन न पहुंचने पर महिला टीचर छात्र के घर गई और उसे अपने घर ले आई। इसके बावजूद परीक्षा में जब छात्र के नंबर कम आए तो माता-पिता ने ट्यूशन नहीं भेजा। एक दिन फिर से आरोपी टीचर छात्र को अपने साथ ले जाने का दबाव बनाने लगी। माता-पिता जब इस बात के लिए राजी नहीं हुए तो टीचर ने छात्र को जहरीली चीज खिला दी।
पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज हुआ था मुकदमा
घटना के बाद पुलिस ने पॉक्सो एक्ट अधिनियम 6 के तहत मामला दर्ज करके महिला टीचर को गिरफ्तार कर लिया था और कोर्ट ने आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था, सोमवार को पॉक्सो एक्ट के तहत इस मामले में एडीजे स्वाति सहगल के फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने दोषी को 10 साल की सजा, 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना न भरने पर 6 माह की अतिरिक्त सजा सुनाई गई।