चंडीगढ़। राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने एसबीआई की अपील खारिज करते हुए जिला आयोग के फैसले को बरकरार रखा है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के फैसले के खिलाफ राज्य आयोग में अपील की थी।
जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग चंडीगढ़-2 ने 12 अप्रैल 2021 को अपने निर्देश में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को कहा था कि वह शिकायतकर्ता को तीन लाख 39 हजार 975 रुपये लौटाए और इस राशि पर 12 प्रतिशत वार्षिक की दर से ब्याज अदा करे। इसके अलावा 25 हजार रुपये मुआवजा और 10 हजार रुपये मुकदमा खर्च भी दे। आदेश की प्रति मिलने के 30 दिनों के अंदर निर्देश का पालन न करने पर 20 हजार रुपये अतिरिक्त अदा करने के आदेश दिए गए थे।
यह था मामला
शिकायतकर्ता दीपक अग्निहोत्री और उनकी पत्नी उर्वशी अग्निहोत्री निवासी सेक्टर-9 सी चंडीगढ़ ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के सेक्टर 17 स्थित क्षेत्रीय प्रबंधक और सेक्टर 8 के खिलाफ जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग चंडीगढ़ 2 में शिकायत दी थी। शिकायत में उन्होंने कहा कि उन्होंने स्टेट बैंक ऑफ पटियाला से 8 मार्च 2013 को 24 लाख 40 हजार रुपये का होम लोन लिया था। पांच वर्षों में उन्होंने लोन चुका दिया। बाद में इस बैंक का स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में विलय हो गया। लोन चुकाने के बाद उन्होंने बैंक से अपने दस्तावेज मांगे, जिसे यह कहकर मना कर दिया गया कि उन्होंने बैंक की ओर से की गई बीमा की तीन लाख 39 हजार 975 रुपये की राशि नहीं अदा की है। इस पर शिकायतकर्ता ने कहा कि उन्होंने कभी भी बीमा पॉलिसी के लिए आवेदन ही नहीं किया। इसके बाद मामला उपभोक्ता आयोग में चला गया।