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पुटा को सीनेटरों के चंगुल से आजाद करवाएंगे ः मनु-कश्मीर ग्रुप

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चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (पुटा) चुनाव की तैयारियां तेज चल रही हैं। सोमवार को मनु-कश्मीर ग्रुप की ओर से प्रेसवार्ता की गई। कहा, पीयू का नियंत्रण कुछ लोगों के पास है जो पुटा को भी नियंत्रित कर रहे हैं। पूरा विश्वविद्यालय कुछ वर्षों से उन्हीं राजनीतिज्ञों के हाथ में हैं। पुटा के साथ उनका गठजोड़ है। इसी को अलग करना है। पुटा सीनेटरों के चंगुल से दूर होगी। शिक्षकों के लिए काम करेगी। हमारी प्राथमिकता केवल और केवल शिक्षकों की सेवा करना रहेगी।
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पीयू पर कुछ ही लोगों का नियंत्रण, शिक्षकों के काम नहीं हो पाते
सेक्टर 14 में हुई प्रेसवार्ता के दौरान अध्यक्ष पद के उम्मीदवार प्रो. मनु शर्मा ने एक सवाल के जवाब में कहा कि वह प्रो वीसी ग्रुप नहीं हैं, प्रो टीचर ग्रुप हैं। प्रो. सीनेटर ग्रुप दूसरा है, जो सीनेटरों के जरिए ही खड़ा किया गया है। वही इसका संचालन करते हैं। यह सभी जानते हैं। हम स्वप्रेरित लोग हैं, जो राजनीति में नहीं आए और न राजनीति करेंगे। शिक्षकों के मुद्दों को पास करवाने के लिए चाहे उन्हें अफसरों से लड़ना पड़े या फिर सीनेटरों से, वह लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि चार साल से लगातार पुटा चुनाव जीतने वाले लोग केवल हर काम के लिए झूठा श्रेय लेते हैं। उनके लोग सीनेटर भी हैं, सिंडिकेटर भी हैं और डीन भी बनते हैं। हर कमेटी में वही लोग होते हैं। शिक्षकों के असली काम नहीं हो पाते हैं। यह कैंपस शिक्षकों का है, इसलिए शिक्षकों का ही राज चलेगा।
डेंटल कॉलेज की प्रमोशन जानबूझकर रोकी गई
उपाध्यक्ष पद उम्मीदवार डॉ. इकरीत सिंह बल का कहना है कि डेंटल कॉलेज के शिक्षकों को पदोन्नति मिलनी थी, लेकिन सीनेट व सिंडिकेट के कुछ लोगों ने लागू नहीं होने दी। शिक्षक देश निर्माता कहा जाता है। वह मेहनत कर रहा है लेकिन कुछ लोग सीनेट में पहुंचकर शिक्षकों पर आदेश चलाते हैं। शिक्षकों का भविष्य तय करते हैं। ऐसी व्यवस्था को उखाड़ फेंकना है। शिक्षकों को उनका हक बिना मांगे मिलना चाहिए। सचिव पद उम्मीदवार डॉ. कश्मीर सिंह ने कहा कि जीतने के बाद पहला काम सातवें वेतनमान पर काम करना है। केंद्रीय वित्त पोषण समेत कई कार्य उनकी प्राथमिकता में होंगे। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि वह वोट दें और उन्हें सेवा करने का मौका दें। वह शिक्षकों को निराश नहीं करेंगे।
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