चंडीगढ़। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) के तहत हजारों लोगों को खराब गेहूं बांटने के मामले में खाद्य आपूर्ति विभाग अब लीपापोती में जुट गया है। लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों व अधिकारियों को बचाने की कवायद हो रही है। कार्रवाई के नाम पर जांच की खानापूर्ति और वादे किए जा रहे हैं। विभाग ने सोमवार को सभी पार्षदों के साथ बैठक की लेकिन कोई ठोस कार्रवाई की बजाय जांच कराने की रटी रटाई बात फिर दोहरा दी।
पिछले दो हफ्तों से लोग घरों में सड़ा गेहूं लेकर बैठे हैं और प्रशासन के आदेश का इंतजार कर रहे हैं कि कब खाद्य विभाग उनसे खराब और सड़ा हुआ गेहूं वापस लेकर अच्छा गेहूं देगा। प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल इस संबंध में आदेश भी दे चुके हैं। रविवार को धनास में दोबारा खराब गेहूं बांटने की खबर सोमवार को जब अमर उजाला में प्रमुखता से प्रकाशित हुई तो खाद्य आपूर्ति विभाग ने यूटी गेस्ट हाउस में सभी पार्षदों के साथ बैठक की और अपनी गलती स्वीकारी।
भाजपा पार्षदों ने कहा कि अफसरों ने जो गलती की है, उसका नुकसान पार्टी को उठाना पड़ रहा है, क्योंकि ये योजना प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना है। विभाग को सारी जानकारी होने के बावजूद सड़ा गेहूं लोगों को बांटा गया और 10 दिन बाद भी अब तक किसी पर भी कार्रवाई नहीं की गई। वहीं, रविवार को धनास में फिर खराब गेहूं बांट दिया गया। आरोप लगाया कि कार्रवाई करने की बात आई तो खाद्य विभाग अपने कर्मचारियों को बचा रहा है। विभाग की कार्यप्रणाली से लोग गुस्से में हैं।
अधिकारी सोते रहे और हजारों लोगों को दे दिया सड़ा गेहूं : कांग्रेस
बैठक में कांग्रेस पार्षद देविंदर सिंह बबला और गुरबख्श रावत ने कहा कि प्रशासन के अधिकारी सोते रहे और शहर के हजारों लोगों को सड़ा हुआ गेहूं बांट दिया गया। कहा कि जो भी दोषी हैं, उन पर केस दर्ज कर मामले की जांच कराई जाए। आखिर सड़ा गेहूं चंडीगढ़ जैसे शहर में कैसे बंट गया? जिनकी जवाबदेही थी, वो कहां थे? कांग्रेसी पार्षदों ने कहा कि खाद्य आपूर्ति विभाग के सचिव विनोद पी कावले ने कहा कि वह अपनी गलती मानते हैं और दोषियों पर कार्रवाई भी की जाएगी।
जन सूचना जारी कर बदला जाए सड़ा गेहूं : भाजपा
बैठक में फैसला लिया गया कि इंदिरा कॉलोनी, बापूधाम, मौलीजागरां, मलोया, दरिया और धनास समेत जहां से भी खराब गेहूं बांटने की शिकायतें मिली हैं, वहां-वहां गेहूं बदला जाएगा। इसके लिए जन सूचना जारी की जाएगी। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण सूद के सुझाव पर यह भी फैसला लिया गया कि राशन बांटने के लिए सभी निर्वाचित और मनोनीत पार्षदों को पर्चियां दी जाएंगी और उन्हीं की देखरेख में राशन बंटेगा। जिन पात्र लोगों के नाम कट गए हैं, उनकी दोबारा से जांच की जाएगी। नए कार्ड बनाए जाएंगे। सूद ने भी दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
बैठक में लिए गए 9 मुख्य फैसले
1. गेहूं की थैलियों को पहले खोलकर दिखाया जाएगा, फिर बंटेगा राशन
2. सड़ा गेहूं वापस होगा, इसके लिए जन सूचना जारी होगी
3. एरिया पार्षद की निगरानी में राशन बांटा जाएगा
4. पार्षद राशन बांटने के लिए कवर्ड एरिया उपलब्ध कराएंगे
5. राशन लेने के लिए दूर नहीं जाना होगा, वितरण केंद्र बढ़ाए जाएंगे
6. जिनके नाम कट गए हैं, जांच कर उन्हें जोड़ा जाएगा
7. नए राशन कार्ड बनाए जाएंगे। विभाग फॉर्म बांटेगा
8. सेक्टर-17 में भीड़ न जुटे इसलिए एसडीएम ईस्ट और एसडीएम साउथ दफ्तर में ड्राप बाक्स की सुविधा होगी, जहां लोग फॉर्म जमा कर सकेंगे
9. जिन कर्मचारियों-अधिकारियों ने लापरवाही की, उन पर कार्रवाई होगी
वर्जन
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बैठक में सभी पार्षदों से सहयोग मांगा गया है। जो खराब गेहूं था, उसे वापस भेज दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है, जिनकी वजह से ये चूक हुई है, उन पर कार्रवाई की जाएगी।
- विनोद पी कावले, सचिव, खाद्य विभाग