चंडीगढ़। शहर के टॉयलेट ब्लॉक पर विज्ञापन लगाने के लिए निगम ने टेंडर तो दे दिया, लेकिन अनुबंध के अनुसार बोर्ड नहीं लगाए जा रहे हैं। साढ़े 4 फुट की जगह ठेकेदारों ने 6 फुट के विज्ञापन लगा दिए हैं। मार्केट के लोगों ने इसे लेकर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि इससे लोगों को टॉयलेट ब्लॉक की जानकारी ही नहीं मिलेगी। वह होर्डिंग समझकर गुमराह हो जाएंगे।
शहर के 55 टॉयलेट इमारत पर विज्ञापन के लिए नगर निगम ने ठेकेदारों को टेंडर दे दिया है। इन टॉयलेट ब्लॉक पर कुल 11 हजार 304 स्क्वायर फुट जगह है। विभिन्न टॉयलेट ब्लॉक पर जगह के अनुसार प्रति स्क्वायर फुट के अनुसार विज्ञापन लगाने की अनुमति दी गई है। इन विज्ञापनों से निगम को लगभग 2 करोड़ का रेवेन्यू आना है। मास्टर प्लान के अनुसार साढ़े चार फुट की लंबाई और 18 फुट की चौड़ाई के विज्ञापन लगने हैं, लेकिन ठेकेदारों ने 6 फुट के विज्ञापन लगा दिए हैं। इससे टॉयलेट ब्लॉक पूरी तरह ढक गया है। संयुक्त आयुक्त सौरभ अरोड़ा का कहना है कि विज्ञापन लगने के बाद कमेटी बनाकर सभी की जांच कराई जाएगी। मौके पर ही विज्ञापनों को कम और बढ़ाने का निर्णय होगा। ज्ञात रहे कि आठ साल पहले तक नगर निगम पब्लिक टायलेट पर विज्ञापन करने की मंजूरी उस कंपनी को देता था, जो पब्लिक टायलेट का रखरखाव करती थी। अब आरडब्ल्यूए या एमडब्ल्यूए व नगर निगम टॉयलेट का रखरखाव करता है, इसलिए कंपनी को केवल विज्ञापन की व्यवस्था देखनी है।