चंडीगढ़। पंचकूला जिले के मोरनी-पंचकूला रोड को चौड़ा करने के लिए वृक्षों को काटने के हरियाणा सरकार के फैसले को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। याचिका में बताया गया है कि मोरनी-पंचकूला के रास्ते को चौड़ा करने के लिए 1137 वृक्ष काटने का निर्णय लिया गया है, जिनमें 175 चीड़ के पेड़ भी हैं और बाकी खैर हैं।
एडवोकेट एचसी अरोड़ा ने याचिका में बताया कि इस सड़क को चौड़ा करने का उद्देश्य केवल पर्यटन को बढ़ावा देना है। पेड़ों की अनावश्यक कटाई को रोका जा सकता है। मोरनी-पंचकूला सड़क को चौड़ा करने की परियोजना की यदि समीक्षा की जाए तो इन वृक्षों की कटाई को रोका जा सकता है। याचिका में बताया गया कि याची ने मुख्य सचिव को इस संबंध में एक मांग पत्र देकर इस विषय पर विचार करने का आग्रह किया था। पानीपत में एक सड़क को चौड़ा करने के लिए जब पेड़ काटे जा रहे थे उस समय कोर्ट के आदेश पर उन वृक्षों को लोक निर्माण विभाग ने बचा लिया था। याची ने कहा कि इन वृक्षों में अधिकतर 50 साल से अधिक पुराने हैं और अगर सरकार चाहे तो इन पेड़ों को बचा सकती है। हाईकोर्ट में दाखिल इस याचिका पर जल्द सुनवाई होगी।