डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम से जुड़े करीब 400 अनुयायियों को नपुंसक बनाने के मामले में 30 अक्तूबर को पंचकूला की सीबीआई की विशेष मजिस्ट्रेट अदालत में सुनवाई होगी। इस दौरान पीजीआई के डॉक्टरों सहित अभियोजन पक्ष के गवाहों के बयान दर्ज किए जाने हैं। पिछली सुनवाई पर गवाहों के पेश नहीं होने के कारण कार्यवाही आगे नहीं बढ़ पाई थी।
इस मामले में गुरमीत राम रहीम के अलावा डॉ. पंकज गर्ग और डॉ. एमपी सिंह आरोपी हैं। 17 अक्टूबर को हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने पीजीआई के डॉक्टर को गवाही के लिए दोबारा समन जारी करने के निर्देश दिए थे। सीबीआई ने अदालत को बताया था कि दोनों डॉक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बयान दर्ज कराने के लिए तैयार हैं।
पिछली सुनवाई में कुछ अन्य गवाहों की अनुपस्थिति और समन की तामील नहीं होने से भी कार्यवाही प्रभावित हुई थी। अदालत ने जांच अधिकारी को गवाहों के पते जुटाने और समन की तामील संबंधी रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए थे।
2012 में हाई कोर्ट पहुंचा था मामला
मामले की शुरुआत डेरा के पूर्व अनुयायी हंसराज चौहान की याचिका से हुई थी। उन्होंने वर्ष 2012 में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि करीब 400 पुरुष अनुयायियों को जबरन नपुंसक बनाया गया। हाई कोर्ट ने 23 दिसंबर 2014 को मामले की सीबीआई जांच के आदेश दिए थे। अब सुनवाई में अभियोजन पक्ष के गवाहों के बयान दर्ज होने और मामले की कार्यवाही आगे बढ़ने पर नजर रहेगी।