चंडीगढ़। पंजाब के विभिन्न जिलों में बिल्डरों द्वारा पुडा अधिकारियों से मिलीभगत कर बिना एनओसी अवैध कॉलोनियां बसाने का आरोप लगाते हुए दाखिल जनहित याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को नोटिस जारी करते हुए स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है।
अमृतसर की लीगल एक्शन ऐड वेलफेयर एसोसिएशन ने एडवोकेट विपुल अग्रवाल के माध्यम से याचिका दाखिल करते हुए हाईकोर्ट को बताया कि पंजाब भर में बड़े धड़ल्ले से अवैध कॉलोनियां बस रहीं हैं। बिल्डर पुडा के अधिकारियों से मिलीभगत कर बिना एनओसी कॉलोनियां काट रहे हैं। याची ने बताया कि उसने इंडस गोल्ड सिटी, स्टार सिटी, एस्मा एस्टेट, रॉयल विला व आशियाना ग्रीन सहित अन्य कॉलोनियों की जानकारी मांगी थी। कोई ठोस जवाब नहीं दिया गया। यह सभी कॉलोनियां जालंधर और तरनतारन की हैं।
याची ने कहा कि ऐसा नहीं है कि केवल इन दो जिलों में अवैध कॉलोनियां फल-फूल रहीं हैं, बल्कि पूरे पंजाब का हाल कुछ इसी प्रकार का है। याची ने बताया कि अवैध कॉलोनियों को लेकर और भी कुछ जनहित याचिकाएं लंबित पड़ी हैं। हाईकोर्ट ने कहा कि ऐसा है तो इन सभी पर एक साथ सुनवाई की जानी चाहिए। ऐसे में हाईकोर्ट ने अब इन अवैध कॉलोनियों को लेकर पंजाब सरकार को 14 मई तक जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। याची ने कहा कि यदि इसी प्रकार अवैध कॉलोनियों को अनुमति दी गई तो प्रदेश में पूरी व्यवस्था बिगड़ जाएगी और इसका सामना आम लोगों को करना पड़ेगा। अवैध कॉलोनियों में लोगों को अक्सर मूलभूत सुविधाओं के लिए बेहद लंबा इंतजार करना पड़ता है। इन सभी दलीलों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने इस मामले में पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है।