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डेढ़ करोड़ रिश्वत मामले में भाजपा नेता की हुई गवाही

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चंडीगढ़। आठ साल पुराने डेढ़ करोड़ की रिश्वत मामले की सुनवाई सोमवार को सीबीआई कोर्ट में हुई। इस दौरान पंजाब के पूर्व मंत्री व भाजपा नेता मनोरंजन कालिया की गवाही हुई। उन्होंने कोर्ट में दिए बयान में कहा कि रिश्वत के संबंध में उन्हें कोई जानकारी नहीं थी। बता दें कि वर्ष 2011 में सीबीआई ने पंजाब के मुख्य संसदीय सचिव राज खुराना को डेढ़ करोड़ रुपये रिश्वत मामले में गिरफ्तार किया था। साथ ही आरोपी देविंदर सिंह (बिचौलिया) को भी हिरासत में लिया था। उसके बाद मामले में मनोरंजन कालिया के नाम खुलासा हुआ। दरअसल, यह रिश्वत पंजाब के तत्कालीन मंत्री मनोरंजन कालिया के नाम पर ही मांगी गई थी। जांच के बाद सीबीआई ने उन्हें केस में आरोपी बनाने की बजाय गवाह बना लिया था। सुनवाई के दौरान कालिया से पूछा गया कि आरोपियों की कॉल रिकॉर्डिंग में उनका नाम था। इस पर कालिया ने अपने बयान में कहा कि उनके नाम पर रिश्वत मांगी गई थी, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं थी। सीबीआई की जांच के दौरान मनोरंजन कालिया से यही सवाल किए गए थे, तब भी उन्होंने यही बयान दिए थे। कालिया ने अपने बयान में कहा था कि वह देविंदर को नहीं जानते लेकिन राज खुराना को जानते हैं। कहा राज खुराना ने जिस काम के लिए रिश्वत मांगी थी उस काम की उनसे कोई बात नहीं की गई थी।
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यह है पूरा मामला
वर्ष 2011 में सीबीआई ने पंजाब ऑटोमोबाइल मैकेनिक्स एसोसिएशन के सदस्य मनप्रीत सिंह की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया था। मनप्रीत ने शिकायत दी थी कि एसोसिएशन ने पंजाब के बिशनगढ़ में 14 एकड़ जमीन खरीदी थी। इस जमीन की रजिस्ट्री एसोसिएशन के नाम पर होनी थी। मनप्रीत ने आरोप लगाते हुए कहा था कि देविंदर सिंह फर्म एंड रजिस्ट्रार ऑफ सोसायटी के अधिकारी हैं। देविंदर ने बताया था कि एसोसिएशन के खिलाफ जांच की जा रही है, जांच में एसोसिएशन के सदस्यों पर मामला दर्ज किया जा सकता है। इसी जांच को रोकने के लिए देविंदर सिंह ने डेढ़ करोड़ रुपये की मांग की थी। आरोप के मुताबिक देविंदर सिंह ने मनप्रीत सिंह से कहा कि यह काम राज खुराना के जरिए करवाया जाएगा। राज खुराना इस बारे में मनोरंजन कालिया से बात करेंगे। इस पर मनप्रीत ने राज खुराना और देविंदर के खिलाफ शिकायत दी थी। सीबीआई ने फिर ट्रैप लगाकर राज खुराना को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि कुछ साल बीतने के बाद खुराना की मौत हो गई थी।
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