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पीजीआई ने मणिपुर के निवासियों के ट्रांसप्लांट के रिकार्ड चेक किए

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चंडीगढ़। मणिपुर से चंडीगढ़ में किडनी ट्रांसप्लांट के लिए लाई गई महिला के मामले में पीजीआई ने भी प्राथमिक स्तर पर अपनी जांच शुरू कर दी है। पीजीआई ने सोमवार को अपनी जांच में पाया है कि पिछले दो साल के दौरान मणिपुर के इलाके से कुल 15 लोगों का किडनी ट्रांसप्लांट हुआ है। इनमें से सात ऐसे केस हैं, जिनमें पत्नी ने पति को किडनी दी है। यदि कुछ हुआ होगा तो इन्हीं केसों में होने की संभावना है। फिलहाल पीजीआई दोबारा से उनके रिकार्ड की जांच कर रही है।
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पीजीआई सूत्रों की ओर से दावा किया गया है कि अभी तक उनकी जांच में फिलहाल कुछ भी संदिग्ध नहीं लगा है। जिस महिला को यहां पर लाया गया है, अभी उसकी शुरुआती जांच चल रही थी। उसके बाद उसे अपने दस्तावेज पीजीआई के समक्ष पेश करने थे। दस्तावेजों की जांच की पूरी प्रक्रिया में कम से कम चार-पांच महीने का वक्त लगना था। संभव है कि जांच प्रक्रिया के दौरान वह पकड़ी जाती। पीजीआई में ऐसे केस पकड़े जाते रहे हैं, जो फर्जी ब्लड रिलेटिव बनकर किडनी देने के लिए आते हैं। फिर भी पीजीआई ने अपने स्तर पर जांच शुरू कर दी है।
डोनर को इन प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है
पीजीआई के मुताबिक ट्रांसप्लांट से पहले वह डोनर की गहनता से जांच करते हैं। इसके लिए डाक्टरों की एक कमेटी है। कमेटी में पीजीआई के डाक्टर के साथ मनोचिकित्सक होते हैं, जो डोनर के चेहरे के हाव-भाव को पढ़ते हैं। कमेटी के सदस्य बारी-बारी से उससे सवाल पूछते हैं। डोनर को कई दस्तावेज भी पेश करने होते हैं। सबसे ज्यादा गहन जांच पति-पत्नी के मामलों में होती है, क्योंकि ये ब्लड रिलेशन में नहीं आते हैं। डोनर को मैरिज सर्टिफिकेट, मैरिज फोटो, फोटो आईडी कार्ड, रेजिडेंस प्रूफ के साथ एक और महत्वपूर्ण दस्तावेज पेश करना होता है, जो पुख्ता सुबूत के तौर पर माना जाता है। दरअसल जब पति-पत्नी का केस आता है तो उसमें यह देखा जाता है कि रिसीपिएंट (जिनमें किडनी ट्रांसप्लांट होनी है) और डोनर की शादी कब हुई और डाक्टर ने रिसीपिएंट को कब किडनी ट्रांसप्लांट की सलाह दी है। इसमें यह देखना होता है कि यदि किडनी ट्रांसप्लांट की सलाह और शादी की तारीख भी आसपास की होती है तो उस मामले को भी संदिग्ध माना जाता है। दरअसल कई लोग ट्रांसप्लांट के बाद शादी करने का दस्तावेज पेश करते हैं और वे मामले ज्यादातर फर्जी निकलते हैं।
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कोट
हमें अखबारों से ही इस मामले की सूचना मिली है। पीजीआई अपने स्तर पर जांच करेगा। मंगलवार को एक कमेटी बना दी जाएगी।
- प्रो. जगतराम, डायरेक्टर, पीजीआई।
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