चंडीगढ़। जालंधर के गुलाब देवी अस्पताल में ब्लड यूनिट्स के फर्जीवाड़े के मामले में कैंसिलेशन रिपोर्ट दाखिल कर आरोपियों को क्लीन चिट देने पर पंजाब पुलिस को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने जमकर फटकार लगाई है। कोर्ट ने इस मामले में अब खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के संयुक्त आयुक्त व पंजाब के डीजीपी को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। मामला गुलाब देवी अस्पताल में ब्लड यूनिट्स के फर्जीवाड़े से जुड़ा है। यह पूरा फर्जीवाड़ा तब सामने आया था जब रक्तदान करने वाली एक संस्था ने ब्लड बैंक में अनियमितताएं देखी और जब रजिस्टर खंगाला तो पूरा फर्जीवाड़ा सामने आ गया। इसके बाद संस्था ने इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग व पुलिस को दी थी। शिकायत में बताया गया कि गुलाब देवी अस्पताल के ब्लड बैंक में एक ही नंबर की कई ब्लड यूनिट हैं और इसी तरह इन्हें लोगों को दे दिया जाता है। यह सीधे तौर पर लोगों की जान से खेलना है।
रक्त को नियमों के मुताबिक नहीं रख
साथ ही यह भी बताया गया था कि प्रबंधकों ने ब्लड को भी नियमों के मुताबिक नहीं रखा है। जब जोनल लाइसेंसिंग अथॉरिटी करुण सचदेवा, ड्रग इंस्पेक्टर अमरजीत सिंह, अनुपमा कालिया, नवदीप सिंह (ड्रग इंस्पेक्टर कपूरथला) व अन्य ने ब्लड बैंक की सील खोलकर रिकार्ड चेक किया तो उसमें काफी ज्यादा खामियां मिलीं। अधिकांश भरे हुए ब्लड के बैगों पर सिर्फ एक लेबल लगा था, जिस पर ब्लड ग्रुप लिखा था। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने वहां से सारा रिकार्ड व ब्लड के भरे हुए 44 बैग कब्जे में ले लिए थे। पुलिस ने 5 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी की धारा 420 सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया था। मामला सुर्खियों में आया तो हाईकोर्ट ने अब इसका संज्ञान लेते हुए पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया था।
संयुक्त सचिव और डीजीपी को जवाब दाखिल करने के निर्देश
अब हाईकोर्ट को बताया गया कि इस मामले में कैंसिलेशन रिपोर्ट दाखिल कर दी गई थी जिसे ट्रायल कोर्ट ने नामंजूर कर दोबारा जांच का आदेश दिया था। कोर्ट ने कहा कि ट्रायल कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि पुलिस ने इस मामले में सही प्रकार से जांच नहीं की। इस पर हाईकोर्ट ने अब खाद्य एवं औषधि विभाग के संयुक्त आयुक्त व पंजाब के डीजीपी को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान अनियमित रूप से एकत्रित किया गया खून लाखों लोगों को चढ़ाया गया होगा। इसके विनाशकारी परिणाम शायद कभी किसी को पता भी नहीं चल पाएंगे। कोर्ट ने पंजाब पुलिस के रवैए पर अपने आदेश में बेहद नाराजगी जारी की।
पंजाब सरकार को लगाई फटकार
कोर्ट ने कहा कि आरोपियों के हरियाणा व पंजाब में 10 ब्लड बैंक और भी हैं। इन ब्लड बैंकों की जांच के बारे में पंजाब सरकार के मौन रहने पर भी हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को जमकर फटकार लगाई।