कई वर्षों से खस्ताहाल है दर्जनों गांवों को जोड़ने वाला मार्ग, अस्पताल और स्कूल पहुंचने के लिए लोगों को करना पड़ रहा लंबा सफर
संवाद न्यूज एजेंसी
रामगढ़। नगर निगम के वार्ड नंबर 19 और 20 के गांवों में सड़कों की बदहाली से लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है। वार्ड नंबर 19 के गांव बिल्ला से जसवंतगढ़ और कोट जाने वाली मुख्य सड़क पिछले कई वर्षों से खस्ताहाल है। बरसात के मौसम में सड़क पर चलना लोगों के लिए जान जोखिम में डालने जैसा हो गया है। सड़क की बदहाली को लेकर क्षेत्र के लोगों में सरकार के प्रति रोष है। लोगों का कहना है कि शिकायतों और बार-बार दिए गए आश्वासनों के बावजूद सड़क की हालत नहीं सुधरी।
यह सड़क दर्जनों गांवों को आपस में जोड़ती है। ग्रामीणों को गांव कोट स्थित अस्पताल, स्कूल और अन्य जरूरी कामों के लिए इसी मार्ग से आना-जाना पड़ता है। सड़क खराब होने के कारण उन्हें कई किलोमीटर लंबा वैकल्पिक रास्ता तय करना पड़ता है। लोगों का कहना है कि सरकार विकास के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी स्थिति इसके विपरीत है। उन्होंने कहा कि जब जनप्रतिनिधि लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं कर सकते तो उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
बारिश में कई फीट तक जमा हो जाती है मिट्टी
स्थानीय लोगों के अनुसार बरसात के दौरान पहाड़ी क्षेत्र से भारी मात्रा में मिट्टी का कटाव होता है। यह मिट्टी सड़क पर कई-कई फीट ऊंचाई तक जमा हो जाती है। ऐसे में सड़क से वाहन निकालना मुश्किल हो जाता है। अनजान लोगों के लिए बारिश के दौरान इस रास्ते से गुजरना और भी जोखिम भरा हो जाता है। स्थानीय लोगों की मजबूरी है कि जरूरी कामों के लिए उन्हें इसी खस्ताहाल सड़क से होकर गुजरना पड़ता है।
अधिकारियों और नेताओं से कई बार लगा चुके हैं गुहार
लोगों ने बताया कि सड़क की हालत सुधारने के लिए विभाग के उच्चाधिकारियों, जिला प्रशासन और नेताओं से कई बार गुहार लगाई जा चुकी है, लेकिन अब तक उन्हें केवल आश्वासन ही मिले हैं। ग्रामीणों ने जल्द सड़क निर्माण कराने की मांग की है, ताकि बरसात के दौरान होने वाली परेशानी और हादसों का खतरा खत्म हो सके।
ऐतिहासिक महत्व भी रखता है मार्ग
लोगों के अनुसार राज्य राजमार्ग बनाए जाने से पहले यह मार्ग क्षेत्र की मुख्य सड़क हुआ करता था। देहरादून से पेशावर की ओर जाने के लिए भी इस मार्ग का इस्तेमाल होने की बात कही जाती है। लोगों के अनुसार 10वीं पातशाही श्री गुरु गोविंद सिंह भंगानी का युद्ध जीतने के बाद इसी मार्ग से पंजाब की ओर गए थे और गांव नाड़ा में कुछ समय के लिए विश्राम किया था। मोहनलाल कोट, सोहन सिंह, दीप सिंह, जनरल सिंह, बलजीत सिंह, संजीव कुमार, राजपाल और रमेश कुमार सहित अन्य लोगों ने सड़क की जल्द मरम्मत और निर्माण की मांग की है। उनका कहना है कि बरसात में इस मार्ग पर सफर करना जान जोखिम में डालने जैसा है। सड़क का स्थायी समाधान होने से दर्जनों गांवों के लोगों को राहत मिलेगी।