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Panchkula News: सड़क हादसे में घायल युवक को बड़ी राहत, यश को 12.57 लाख रुपये मुआवजा

Mon, 15 Dec 2025 01:54 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पंचकूला
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पंचकूला ट्रिब्यूनल का अहम फैसला, 6 फीसदी ब्याज सहित बीमा कंपनी करेगी भुगतान
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-सुनवाई के दौरान ट्रिब्यूनल ने कहा, पहले चरण में न्यू इंडिया एश्योरेंस करेगी राशि अदा

माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल ने सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए युवक यश को बड़ी राहत देते हुए 12 लाख 57 हजार 548 रुपये मुआवजा देने के आदेश जारी किए हैं। ट्रिब्यूनल ने स्पष्ट किया कि मुआवजा राशि पर दावा दायर करने की तारीख से भुगतान तक 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देय होगा। साथ ही न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को निर्देश दिए गए हैं कि वह पहले चरण में पूरी राशि का भुगतान करे।

मामले के अनुसार यश की उम्र 23 वर्ष है। वह करनाल कॉलोनी, बराड़ा का निवासी है, जबकि उसका स्थायी पता देवी तालाब मंदिर के पास, मुलाना, जिला अंबाला है। 9 अप्रैल 2024 की शाम करीब 7.30 बजे वह हनुमान मंदिर, बराड़ा-दोसड़का रोड से पूजा-अर्चना कर मोटरसाइकिल पर अपने घर लौट रहा था। जैसे ही वह किड्स गार्डन स्कूल के सामने पहुंचा, बराड़ा की ओर से आ रही एक कार, जिसे साहिल निवासी जिला अंबाला चला रहा था, कथित रूप से तेज रफ्तार और लापरवाही से गलत दिशा में आकर उसकी मोटरसाइकिल से टकरा गई।
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टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि यश उछलकर कार के पिछले हिस्से पर जा गिरा। हादसे के बाद कार चालक मौके पर वाहन छोड़कर फरार हो गया। राहगीरों ने घायल यश को एमएमयू अस्पताल, मुलाना पहुंचाया और उसके परिजनों को सूचना दी। इस संबंध में थाना बराड़ा में मामला भी दर्ज किया गया।

यश ने ट्रिब्यूनल में दायर दावे में बताया कि हादसे के समय वह बराड़ा के मेन बाजार में ‘शूफ्लाई’ नाम से दुकान चलाता था और करीब 60 हजार रुपये मासिक कमाई करता था। दुर्घटना में उसके दाहिने पैर की टिबिया, पसलियों और पेल्विस में गंभीर फ्रैक्चर हुए। उसे कई बार अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। उसका इलाज एमएमयू अस्पताल मुलाना, जीएमसीएच सेक्टर-32 चंडीगढ़, अल्केमिस्ट अस्पताल पंचकूला और मोंगा अस्पताल अंबाला कैंट में हुआ। यश का दावा था कि इलाज पर अब तक करीब 20 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं और भविष्य में भी 10 लाख रुपये से अधिक खर्च होने की संभावना है। हादसे के बाद वह सामान्य जीवन नहीं जी पा रहा, उसकी दुकान बंद हो गई और पारिवारिक जीवन भी प्रभावित हुआ। इसी आधार पर उसने 80 लाख रुपये मुआवजे की मांग की थी।

दूसरी ओर कार चालक और वाहन मालिक ने हादसे से इनकार करते हुए एफआईआर को झूठा बताया, जबकि बीमा कंपनी न्यू इंडिया एश्योरेंस ने वाहन की संलिप्तता, चालक के लाइसेंस और दावे की राशि पर सवाल उठाए। बीमा कंपनी ने एफआईआर दर्ज होने में 12 दिन की देरी का भी हवाला दिया।

सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर ट्रिब्यूनल ने माना कि हादसा प्रतिवादी चालक की लापरवाही से हुआ। हालांकि यश अपनी दुकान और आय से संबंधित कोई दस्तावेज पेश नहीं कर सका, इसलिए अधिकरण ने उसे अकुशल श्रमिक मानते हुए हरियाणा सरकार की न्यूनतम मजदूरी दर के अनुसार आय का आकलन किया। डिसेबिलिटी प्रमाण पत्र के अनुसार यश को 40 प्रतिशत स्थायी शारीरिक विकलांगता पाई गई।
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ट्रिब्यूनल ने यह भी पाया कि हादसे के समय चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस था और वाहन मालिक संजीव कुमार ही पंजीकृत स्वामी है। चूंकि वाहन बीमित था, इसलिए चालक, मालिक और बीमा कंपनी तीनों संयुक्त रूप से उत्तरदायी हैं। हालांकि ट्रिब्यूनल ने निर्देश दिए कि मुआवजा राशि का भुगतान पहले चरण में बीमा कंपनी द्वारा किया जाएगा।
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