केंद्रीय गृह मंत्रालय की तरफ से सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) के गुरपतवंत सिंह पन्नू को आतंकवादी घोषित किए जाने के एक दिन बाद पंजाब पुलिस ने गुरुवार को पन्नू और उसके साथियों, एसएफजे के एक्टिव सदस्य जोगिंद्र सिंह गुज्जर के खिलाफ अमृतसर और कपूरथला में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं, जो इस साल फरवरी में इटली से भारत आया था।
खालिस्तान का समर्थन करने वाला पन्नू, जिसके बारे में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने हाल ही में कहा था कि वह पंजाब में आतंकवाद को बढ़ावा देने में सक्रिय तौर पर शामिल था, को गृह मंत्रालय ने यूएपीए के अधीन आतंकवादी के तौर पर नामजद 9 व्यक्तियों में शामिल किया है। एमएचए ने पन्नू को भारत के विरुद्ध अलगाववादी मुहिम को सक्रियता से चलाने और पंजाब के सिख नौजवानों को आतंकवाद में शामिल होने के लिए उकसाने के लिए आतंकवादी घोषित किया है।
दलित सुरक्षा सेना (डीएसएस) ने गुरपतवंत पन्नू और उसके साथियों के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी, जिस पर थाना बी डिविजन पुलिस कमिशनरेट अमृतसर में भारतीय संविधान और भारतीय राष्ट्रीय ध्वज जलाने और दूसरों को भी ऐसा करने को उकसाने के लिए केस दर्ज किया गया है। दलित सुरक्षा सेना ने अपनी शिकायत में कहा कि यूएसए आधारित सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) संगठन के कानूनी सलाहकार गुरपतवंत सिंह पन्नू और उसके साथी एक वीडियो में भारतीय संविधान और भारतीय राष्ट्रीय झंडे की बेइज्जती करते देखे गए हैं।
वह खालिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाते हुए भारतीय संविधान और झंडे को आग लगाते देखे गए हैं। पन्नू को सारी सिख कौम को भारतीय संविधान के विरुद्ध और रेफरेंडम 2020 के हक में भड़काते हुए देखा गया था। शिकायत में कहा गया कि इन आतंकवादियों की घिनौनी हरकतों ने बहुत बेरहमी से उन आदर्शों की बेइज़्जती की, जिस पर भारतीय राज्य स्थापित हुआ है और इससे समूचे एससी समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंची है।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, उपरोक्त शिकायत पर तुरंत कार्रवाई जरूरी थी क्योंकि गुरपतवंत सिंह पन्नू और उसके साथी अपने कामों और बोले-लिखे शब्दों के कारण देशद्रोहियों में शामिल पाए गए हैं। इस तरह वह सांप्रदायिक फूट डालने के साथ-साथ भारत में कानून द्वारा स्थापित सरकार के प्रति भड़काने की कोशिश कर रहे हैं।
इसके अलावा एक प्रतिबंधित संगठन के सदस्य होने के कारण गुरपतवंत सिंह पन्नू और उसके सहयोगी ने अपराध रोकथाम एक्ट, 1971 की धारा 2, भारतीय दंड संहित के सेक्शन 504, 124 -ए और 153 -ए, यूएपीए की धारा 10 (ए) और 13 (1) और एससी /एसटी एक्ट की धारा 3 के अंतर्गत जुर्म किए हैं।
पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि दूसरी एफआईआर, जो पीएस भुलत्थ जिला कपूरथला में दर्ज की गई है, जोगिन्द्र सिंह गुज्जर उर्फ गोगा की फरवरी 2020 में भारत में दाखिल होने की जानकारी पर आधारित है। इस केस में पन्नू और उसके साथियों पर देशद्रोही और अलगाववादी गतिविधियों का आरोप लगा है।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि जोगिन्द्र सिंह गुज्जर उर्फ गोगा पुत्र अवतार सिंह निवासी अकाल भुलत्थ और यूएसए आधारित पन्नू और सिख फार जस्टिस (एसएफजे) के उनके सहयोगी सदस्यों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) एक्ट, 1967 की धारा 10 (ए) और (बी), 11, 13 (1) और 17 अधीन एफआईआर (नंबर 49) दर्ज की गई है।
प्रवक्ता ने बताया कि यह पता लगा है कि जोगिन्द्र सिंह एसएफजे का प्रमुख और सक्रिय सदस्य है, जिसे एमएचए (केंद्रीय गृह मंत्रालय) ने 10 जुलाई, 2019 को ‘गैरकानूनी संगठन ’ घोषित किया था। गुरपतवंत सिंह पन्नू के कहने पर जोगिन्द्र सिंह एसएफजे की गतिविधियों को प्रोत्सहित करने के लिए उसके संपर्क में रहा और पंजाब /भारत और विदेश में स्थित एसएफजे के कार्यकर्ताओं /सदस्यों को वित्तीय सहायता प्रदान कर रहा था।
यह भी पता लगा है कि जोगिन्द्र सिंह गुज्जर उर्फ गोगा एसएफजे द्वारा आयोजित किए गए भारत विरोधी सम्मेलन में सक्रियता से हिस्सा लेने के लिए नवंबर, 2019 में स्विटजरलैंड के जिनेवा गया था। इस तरह, जोगिन्द्र सिंह पन्नू के साथ अलगाववादी गतिविधियों का प्रचार करने और पंजाब और विदेश में भी ‘रेफरेंडम 2020 ’ के बैनर के तहत भारत के विभाजन को उकसाने वाली गतिविधियों को उत्साहित करने के लिए जाना जाता था। उल्लेखनीय है कि पन्नू को यूएपीए की धारा 35 की उप-धारा (1) की धारा (ए) के अंतर्गत 1 जुलाई, 2020 की नोटिफिकेशन के तौर पर ‘आतंकवादी’ घोषित किया गया था और उसका नाम उक्त एक्ट की चौथी सूची में नोटीफाई किया गया है।