पंचकूला। मोरनी की हसीन वादियों के भूत बंगले में एक भी भूत नहीं है। पहले जहां बंगले में प्रवेश करते ही डर के मारे पर्यटकों के पसीने छूटने लगते थे, अब लोग वहां के पर्यटन से जुड़े व्यवस्थाओं पर ठहाके लगाते हैं। बच्चों को डराने वाला हड्डियों का पिंजरा एक किनारे खूंटी में टंगा है, तो मगरमच्छ बिजली के अभाव में गहरी नींद में सो रहा है। आखिर में जाकर एक ताबूत है, वह भी पर्यटकों को डरा नहीं पाता।
प्रदेश सरकार ने पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए टिक्कर ताल के एडवेंचर पार्क में लाखों रुपये खर्च कर भूत घर का निर्माण कराया था, लेकिन समय-समय पर इसकी मरम्मत न होने के कारण यह जर्जर हो चुका है। भूत घर की छतों पर उगी घास और इसकी मरम्मत न होने के कारण पर्यटक इसकी दशा का आसानी से अंदेशा लगा लेते हैं। भूत घर के अंदर की स्थिति भी काफी खराब है। इसमें लगे उपकरण खराब हो चुके हैं। अब इसमें पर्यटकों को डराने जैसा कुछ नहीं है। इसके अंदर फैली गंदगी के कारण घूमने आए लोग अंदर जाना ही पसंद नहीं करते। यहां की लचर व्यवस्थाओं को देखकर हर सप्ताह मोरनी घूमने के लिए आने वाले हजारों की संख्या में सैलानी दोबारा आना तो दूर ज्यादा देर ठहरना भी पसंद नहीं करते।
नाम बड़े-दर्शन छोटे, पर्यटकों को नहीं लुभाता भूल भुलैया
हरियाणा समेत पूरे उत्तर भारत से मोरनी में आने वाले सैलानियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया एडवेंचर पार्क की हालत दयनीय है। डराने का एहसास कराने वाला भूत बंगले के नाम पर मात्र एक अंधेरे कमरा और टूटी भूल भुलैया की दीवारों को देखकर आसानी से लगाया जा सकता है। यहां के पार्क में बच्चों के लिए लगाए झूलों में गंदगी भरी पड़ी है।
वहीं टूटी पड़ी मनोरंजन के लिए अन्य एक्टिविटी आने वाले सैलानियों के साथ हादसों को न्योता तो दे रही हैं। साथ ही पार्क में टिकट लेकर प्रवेश करने वाले सैलानियों यहां आने के बाद अपने आप को ठगा महसूस करते हैं। वहीं शाम के समय उचित लाइटिंग की व्यवस्था भी नहीं की गई है। इसके अलावा महिलाओं व बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी इंतजाम शून्य है।
हालात सुधरे तो मुनाफा कमा सकता है, पर्यटन विभाग
मनोरंजन से जुड़ी सुविधाओं में भारी टोटा होने के बावजूद निगम की कमाई लाखों में है। निगम यहां पर पार्किंग, बोटिंग और कैंटीन, एडवेंचर पार्क को लीज पर देकर लाखों की कमाई करता है। वर्ष 2016 में इलाके के मुख्य पर्यटक स्थल टिक्कर ताल में वाहन पार्किंग की लीज से पहली बार में 13 लाख 65 हजार राशि प्राप्त हुई थी।
इसके अलावा 13 लाख पचास हजार रुपये एडवेंचर पार्क से मिला था। कैंटीन का टेंडर करने से निगम को तीन साल के लिए 3 लाख 67 हजार रुपये मिला था। ताल में बोटिंग की लीज से 33 लाख रुपये पर्यटन निगम को मिले थे। इतना ही पैसा वर्ष 2019 और 2021 में पर्यटन निगम टेंडर अलॉट करके कमा चुका है। अगर यहां की सुविधाओं को बेहतर किया जाए तो पर्यटन विभाग को मोटा मुनाफा हो सकता है।
ऑस्ट्रेलिया से कुरुक्षेत्र अपने घर आया था तो सोशल मीडिया के माध्यम से मोरनी टिक्कर ताल की तारीफ सुनी। परिवार से साथ यहां घूमने चला आया, लेकिन निराशा हाथ लगी। एडवेंचर पार्क में हर तरफ बदहाली है। इसमें काफी सुधार की जरूरत है। - विजय सैनी, पर्यटक
एडवेंचर पार्क के नाम पर पर्यटकों को लूटा जा रहा है। पार्क के अंदर बच्चों के लिए जो खिलौने हैं, उसमें चारो तरफ गंदगी है। पार्क साफ सफाई के अभाव में बदहाल पड़ा है। रिवर क्रॉसिंग में गंदा पानी भरा है। यहां सफाई बिल्कुल नहीं है। - निष्टी, पर्यटक
दिल्ली से मोरनी घूमने आया हू, यहां होटल में ठहरा। इसके बारे में काफी सुना था, सोचा टिक्कर ताल घूमकर आते हैं, लेकिन मौके पर पहुंचने के बाद सोच ही बदल गई। यहां पर जेट स्की के नाम पर 500 रुपये पर्यटकों से चार्ज करते हैं, जो ज्यादा है। इसके चार्जेज कम होने चाहिए। - सौरभ छाबड़ा, पर्यटक
मामला मेरे संज्ञान में है। मोरनी के एडवेंचर पार्क का ठेका मार्च 2022 में समाप्त हो जाएगा। इसके बाद नए सिरे से एडवेंचर पार्क और भूत बंगला के रखरखाव के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। - नीरज कुमार, एमडी टूरिज्म कारपोरेशन, हरियाणा