‘सांवरिया आज रे, तैने कहां लगाई इत्ती देर’ और ‘पिला दे ओ साकी, श्याम नाम की मस्ती’ भजन सुनाकर प्रसिद्ध भजन गायक विनोद अग्रवाल ने श्रद्धालुओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। मौका था की पंचकूला गोशाला ट्रस्ट की ओर से आयोजित ‘एक शाम गोमाता के नाम का।’
पंडाल श्रोताओं से खचाखच भरा था। मंच के एक तरफ विनोद अग्रवाल तो दूसरी ओर श्रीराधा रानी की मन मोहक झांकी सजी थी, जो कार्यक्रम में आने वाले श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रही थी।
‘गोपाल मुरिया वाले’ भजन पर उठ खड़े हुए श्रोता
विनोद अग्रवाल ने कार्यक्रम के दौरान एक के बाद एक भजन सुनाए। लेकिन उन्होंने जैसे ही अपना प्रसिद्ध भजन ‘गोपाल मुरलिया वाले, नंदलाल मुरलिया वाले’ की तान छेड़ी पंडाल में बैठे श्रद्धालु उठ खड़े हुए। इसके बाद उन्होंने ‘अरे ओ सांवरिया, बीत गई न जानें कितनी बाठ निहारत रतियां’ और पंजाबी में ‘आजा रे ओ मेरे प्यारे सजणां, तेरे पीछे में रुललइयां।’ इसके बाद ‘सब तुझसको नजराना दे दूं’ और एक ही बूंद पिला दे’ जैसे भजन सुनाए।
यह सिलसिला रात शाम को सात बजे शुरू होकर और देर रात तक जारी रहा। श्रद्धालुओं की डिमांड में विनोद अग्रवाल ने ‘राधा, राधा राधा मेरो धन राधा’ और ‘फूलों में सज रहे हैं श्री वृंदावन बिहारी’ भजन सुनाया।
‘आपकी कृपा से सब काम हो रहा है’ भजन से किया समापन
उन्होंने कार्यक्रम का समापन ‘आपकी कृपा से सब काम हो रहा है और श्रीराधे श्रीराधे श्री राधे जय श्यामा की धुन’ से किया। इस दौरान वह शायरी और फिल्मी तरानों को भी मिक्स अप करने से बाज नहीं आए।
उन्होंने कहा कि ‘मैंने देखा तुमको भुला के पर दिल से कभी न उतरा, हैंग ओवर तेरी यादों का, हैंगओवर तेरी बातों का। मेरा प्यार तो इतना है, जे यार न मिले ते मर जावा, जे प्यार न मिले ते मर जावा। घूंघट की आड़ से दिलवर का।’ सुनाकर श्रद्धालुओं के चित को चुरा लिया। इससे पूर्व गौधाम के प्रधान कुलभूषण गोयल, महासचिव डा. नरेश मित्तल, कैशियर राजकुमार भौजिया, हरगोबिंद गोयल, अंजू गोयल, माता मनसा देवी पूजास्थल बोर्ड के सीईओ वीजी गोयल, सचिव सत्यनारायण वर्मा, सुरेंद्र बंसल, तेजपाल गुप्ता भी उपस्थित थे। सभी ने विनोद अग्रवाल के मंच पर पहुंचने पर उनका स्वागत किया।