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Panchkula News: बच्चों के अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर परोसने वाले की जमानत खारिज

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पंचकूला। नाबालिग बच्चों के अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करने के मामले में पंचकूला अदालत ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने आरोपी टिंकू की जमानत याचिका को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि यह अपराध न केवल नाबालिगों के यौन शोषण से जुड़ा है, बल्कि समाज और राज्य दोनों के खिलाफ एक गंभीर चुनौती है। अदालत ने चेतावनी दी है कि ऐसे मामलों में ढिलाई देने से समाज में बेहद गलत संदेश जाता है।
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साक्ष्य मिटाने की आशंका सुनवाई के दौरान अदालत ने माना कि अभी आरोपी के मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच रिपोर्ट आना बाकी है। ऐसे में यदि आरोपी को जमानत दी जाती है, तो वह तकनीकी साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ कर सकता है और गवाहों को प्रभावित कर सकता है। बता दें कि स्टेट साइबर क्राइम थाना (एमडीसी सेक्टर-5) ने आरोपी को 17 फरवरी 2026 को गिरफ्तार किया था। स्टेट साइबर क्राइम थाना पुलिस अब तक इस तरह के 7 से अधिक मामले दर्ज कर चुकी है। पुलिस के अनुसार, कई अन्य संदिग्धों की पहचान कर ली गई है और जल्द ही और गिरफ्तारियां संभव हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऐसी आपत्तिजनक सामग्री न तो देखें और न ही शेयर करें।

इंस्टाग्राम ग्रुप बनाकर जुड़ा था नेटवर्क
पुलिस जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। आरोपी टिंकू ई-मेल और इंस्टाग्राम आईडी का उपयोग कर एक नेटवर्क चला रहा था। उसने एक इंस्टाग्राम ग्रुप बनाया था, जिसमें कई लोग जुड़े थे और वहां नियमित रूप से बच्चों के अश्लील वीडियो साझा किए जा रहे थे।
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एक मोबाइल, 17 मामलों के तार साइबर विशेषज्ञों की शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपी के मोबाइल नंबर का इस्तेमाल इसी तरह की अवैध सामग्री साझा करने वाले करीब 17 अन्य मामलों में भी हुआ है। पुलिस अब उन सभी कड़ियों को जोड़ रही है ताकि इस पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश किया जा सके।
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