पंजाब में आयुष्मान योजना के तहत 700 से अधिक निजी अस्पतालों का लगभग 250 करोड़ का भुगतान नहीं किए जाने पर आईएमए ने नाराजगी जताई है। आईएमए की ओर से पंजाब सरकार की फरिश्ते योजना का भी बहिष्कार कर दिया गया है। आईएमए की ओर से कहा गया है कि जब तक अस्पतालों का बकाया भुगतान नहीं किया जाता तब तक बहिष्कार जारी रहेगा।
आईएमए के पंजाब प्रधान डॉ. परमजीत सिंह मान और उपप्रधान डॉ. विकास छाबड़ा ने बताया कि पंजाब सरकार ने दिसंबर 2021 से आयुष्मान योजना के तहत निजी अस्पतालों का बकाया एक भी रुपया जारी नहीं किया है। बकाया जारी करवाने के लिए आईएमए की ओर से पांच महीनों से प्रयास किए जा रहे हैं। इस दौरान सूबे के वित्तमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, स्वास्थ्य सचिव के साथ अनेक बैठकें हो चुकीं हैं, लेकिन अभी तक समस्या का कोई समाधान नहीं हो पाया है। यही कारण है कि अब आईएमए ने फैसला किया है कि वह सरकार द्वारा लाई जा रही फरिश्ते योजना का बहिष्कार करेगी। अस्पतालों में यह योजना तभी लागू की जाएगी जब सरकार की ओर से आयुष्मान योजना का बकाया भुगतान किया जाएगा।
लोगों ने जताया विरोध
फाइनेंस मिनिस्टर चिल करने में व्यस्त हैं, जबकि उन्हें गरीबों और बीमार लोगों के लिए काम करना चाहिए।
- रजत राज भल्ला, पंजाब
वर्तमान और अतीत की सरकारें लोगों को खाली खजाने मुफ्त उपहार में दे रही हैं जबकि पंजाब में आयुष्मान कार्डों में बड़े पैमाने पर जालसाजी कर रही है। गरीबों और पात्र लोगों को इन राजनीतिक गलतियों को भुगतना पड़ रहा है।
- हरदीप सिंह, गुजरात