चंडीगढ़। आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीजों के इलाज के नाम पर करोड़ों के फर्जीवाड़ा के खुलासे के बाद पीजीआई ने मरीजों की दवा देने की व्यवस्था बदल दी है। अब आयुष्मान और हिमकेयर की दवाइयां अमृत फार्मेसी से ऑनलाइन मिलेंगी।
पीजीआई ने इस बारे में निर्देश जारी कर दिए हैं। कैशलेस स्कीम व्यवस्था वीरवार से ही शुरू हो जाएगी। डॉक्टर को दवाइयों के साथ उसकी मात्रा भी लिखना अनिवार्य होगा। कैशलेस स्कीम के तहत ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी उसी समय कंफर्म कर देगा कि दवाई उपलब्ध है या नहीं। 24 घंटे जो ड्यूटी देंगे उनकी यूनिक आईडी भी जनरेट की जाएगी। यही लोग दवाइयां का लेन-देन कर सकेंगे। स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक सप्ताह के अंदर इस बारे में पीजीआई से जवाब भी मांगा था। पीजीआई ने पांच डॉक्टरों की कमेटी बनाई थी। यह कमेटी मामले की जांच कर रही है। आयुष्मान भारत योजना के तहत 5 लाख रुपये तक मुफ्त इलाज का प्रावधान है।
आयु्ष्मान भारत योजना के तहत मरीजों को दवाइयां देने का अनुबंध पीजीआई ने अमृत फार्मेसी को दिया है। पीजीआई के डॉक्टर मरीज का उपचार कर दवाइयां लिखकर भेजते हैं। दवाइयों के बिल पास करवाकर अमृत फार्मेसी आयुष्मान विभाग से पैसा लेता है।