पुलिस ने हिरासत में लेकर सबको बस में बैठाया,
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। सेक्टर-1 के डीसी कार्यालय में सोमवार को आशा वर्कर्स ने मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के मद्देनजर भारी संख्या में तैनात पुलिस कर्मचारियों ने सभी को बैरिकेड लगाकर रोक लिया। इस दौरान आशा वर्कर्स ने जमकर नारेबाजी कर थाली बजाई। आशा वर्कर्स का कहना था कि जब तक सरकार उनकी मांगों को नहीं मानती तब तक उनका धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। गिरफ्तारी के दौरान धक्का-मुक्की में एक महिला आशा वर्कर के पेट में पुलिस का डंडा लग गया। इस कारण वह बेहोश हो गईं।
मौके से एंबुलेंस को फोन किया गया। ज्यादा तबीयत खराब होते देख निजी कार में ही महिला आशा वर्कर को इलाज के लिए जनरल अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में इलाज के बाद उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया। करीब डेढ़ घंटे तक आशा वर्करों के प्रदर्शन के बाद पुलिस ने उनको हिरासत में लेने के लिए मौके पर बसें मंगवाईं। आशा वर्करों ने पुलिस पर आरोप लगाकर कहा कि प्रदर्शन के दौरान महिला पुलिसकर्मियों की संख्या मौके पर आधा दर्जन से भी कम थी। ऐसे में पुरुष पुलिस कर्मियों द्वारा जबरदस्ती आशा वर्कर्स को बसों में चढ़ाया जा रहा था। उस दौरान धक्कामुक्की भी हुई थी। बाद में सभी को छोड़ दिया।
यह हैं मांगें
- सभी आशा वर्कर को पक्का किया जाए
- सभी को न्यूनतम वेतन 26000 लागू किया जाए
- सभी आशा वर्करों का शोषण करना बंद किया जाए