चंडीगढ़। पंजाब के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री अमन अरोड़ा ने बुधवार को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के निवेशकों को राज्य में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने उद्योगों को नई औद्योगिक एवं व्यापार विकास नीति-2026 के तहत सहयोग का भरोसा दिया। इसमें 100 फीसदी से 125 फीसदी तक वित्तीय प्रोत्साहन और तेज-ट्रैक मंजूरियां शामिल हैं।
अरोड़ा ने दुबई में वार्षिक निवेश बैठक में उद्योगपतियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पंजाब यूएई और वैश्विक निवेशकों के लिए एक आदर्श निवेश गंतव्य है। राज्य में मजबूत औद्योगिक बुनियादी ढांचा, कुशल युवा और अनुकूल उद्यमशीलता पारिस्थितिकी तंत्र है। यहां उन्नत कृषि, रणनीतिक कनेक्टिविटी और व्यापक उपभोक्ता बाजार भी मौजूद है।
मंत्री ने प्रगतिशील औद्योगिक एवं व्यापार विकास नीति-2026 पर जोर दिया। इस नीति में विभिन्न निवेशक श्रेणियों के लिए बेहतर प्रोत्साहन ढांचा है। पंजाब में एकल-खिड़की प्रणाली के माध्यम से निवेशकों को सुविधाएं दी जा रही हैं। अरोड़ा ने निवेशकों से पंजाब को रणनीतिक साझेदार के रूप में देखने का आग्रह किया।
निवेश के लिए प्रोत्साहन और प्राथमिकता क्षेत्र :
नीति के तहत पात्र विनिर्माण इकाइयां स्थिर फिक्स्ड कैपिटल इन्वेस्टमेंट (एफसीआई) का 100 फीसदी तक वित्तीय प्रोत्साहन पा सकती हैं। प्राथमिकता वाले क्षेत्रों और सीमावर्ती जिलों की इकाइयां एफसीआई का 125 फीसदी तक प्रोत्साहन पाने की पात्र हैं। यह लाभ कुल 500 करोड़ रुपये की सीमा के अधीन है। पंजाब खाद्य प्रसंस्करण, कृषि, विनिर्माण, रसद और वस्त्र जैसे क्षेत्रों में निवेश चाहता है। सूचना प्रौद्योगिकी, डाटा केंद्र, नवीकरणीय ऊर्जा और कौशल विकास भी प्राथमिकता में हैं।
राजपुरा में एकीकृत विनिर्माण क्लस्टर :
अरोड़ा ने राजपुरा में 1,100 एकड़ के एकीकृत विनिर्माण क्लस्टर को एक बड़ा अवसर बताया। यह क्लस्टर अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक कॉरिडोर पर विकसित किया जा रहा है। यह विनिर्माण और सहायक उद्योगों के लिए एक प्रमुख अवसर है। परियोजना से महत्वपूर्ण निवेश आकर्षित होगा और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। दुबई में रहने वाले निवेशक इन्वेस्ट पंजाब के माध्यम से अंकीय रूप से जुड़ सकते हैं।