पंचकूला। पिंजौर में निर्मित अत्याधुनिक सेब, फल और सब्जी की मंडी का 5 जनवरी को मार्केटिंग बोर्ड निलामी करेगा लेकिन इससे पहले ही इसका विरोध शुरू हो गया है। सेक्टर-20 सेब मंडी के आढ़ती रिजर्व प्राइज पर पिंजौर मंडी में दुकान मांग रहे हैैं, लेकिन मार्केटिंग बोर्ड देने को तैयार नहीं है। आढ़तियों का कहना है कि दो बार पहले भी मंडी की नीलामी हो चुकी है, जो सफल नहीं रहा। तीसरी बार भी मंडी के 60 से ज्यादा आढ़ती मार्केटिंग बोर्ड की तरफ से किए जा रहे निलामी का विरोध कर रहे हैं। वे इसमें शामिल नहीं होंगे।
सेक्टर-20 स्थित मंडी के आढ़तियों का आरोप है कि उनके साथ धोखा हुआ है। 2016 में मार्केटिंग बोर्ड ने व्यापारियों को आश्वासन देकर चंडीगढ़ से पंचकूला मंडी में बुलाया था। उस समय उन्हें मार्केटिंग बोर्ड की तरफ से आश्वासन दिया गया था कि पंचकूला में नई मंडी बनेगी तो रिजर्व प्राइज पर आढ़तियों को दुकानें अलॉट की जाएंगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। सुविधाएं उपलब्ध करवाए बिना ही मार्केटिंग बोर्ड पिंजौर मंडी का ऑक्सन कर रहा है। इसकी कीमत करोड़ों में है।
पहले पैसे जमा करवाए, मंडी बनी तो दरकिनार कर दिया
सेब मंडी के प्रधान बृजमोहन ने बताया कि पिंजौर सेब मंडी के निर्माण से पहले एचएमटी में बैठक कर मार्केटिंग बोर्ड के पदाधिकारियों ने जगह चिह्नित करने को लेकर मंडी की जरूरतों के बारे में पूछा था। नक्शा फाइनल करते समय भी आढ़तियों को बुलाकर राय ली गई थी। बीचबीच में अधिकारी बुलाते रहे मंडी के लिए सड़क, कोल्ड स्टोर, किसान भवन जैसी सुविधाओं से जुड़े राय भी आढ़तियों से लिए। करीब 60 आढ़तियों ने करीब एक लाख रुपये का बैंक ड्राफ्ट दुकानों के लिए जमा करवा दिए, लेकिन मंडी का शेड तैयार होते ही उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। सभी आढ़तियों के पैसे वापस किए जा रहे हैं। इसमें करीब 28 आढ़तियों ने अपने पैसे वापस नहीं लिए हैं।
करोड़ की दुकानें, सुविधाएं जीरो
सड़क, पानी, शौचालय, बैंक, कैंटीन, ढाबा, लेबर हाउस जैसी सुविधाएं अभी मंडी में नहीं हैं। अभी मंडी में 20 फीसदी निर्माण कार्य हुआ है। इसके बावजूद 196 गज की 20 फुट चौड़ी और 75 फुट लंबी दुकानों की कीमत मार्केटिंग बोर्ड ने 1.96 करोड़ रुपये रखा है। इसके अलावा 111 गज की छोटी दुकानों के लिए 1.30 करोड़ रुपये तय किया है। जो ज्यादा है।
सभी आढ़ती मार्केटिंग बोर्ड के लिए काम कर रहे हैं। पिंजौर मंडी में 300 से ज्यादा दुकानें हैं, लेकिन 60 आढ़तियों के बारे में कमेटी नहीं सोच रही है। इसका नतीजा दो ऑक्शन में महज आठ दुकानें ही बिकी हैं। वे भी अपना पैसा वापस मांग रहे हैं। - लक्की साहनी, चेयरमैन आढ़ती एसोसिएशन पंचकूला।
सब कुछ नियम के अनुसार हो रहा है। सेक्टर-20 की दुकानें डी नोटिफाई नहीं की गई हैं, तो रिजर्व प्राइज पर दुकान देने का सवाल ही नहीं है। - राज नरायण, सीए मार्केटिंग बोर्ड।