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अपना घर दुष्कर्म प्रकरण की आरोपी को राहत नहीं

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चंडीगढ़। अपना घर अनाथालय में दुष्कर्म और शोषण के मामले में पंचकूला सीबीआई कोर्ट द्वारा सुनाई गई उम्रकैद की सजा के खिलाफ अपील लंबित रहते सजा निलंबित करने की मांग पर अनाथालय संचालिका जसवंती देवी को फिलहाल राहत नहीं मिली है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने याची पक्ष को 6 अगस्त तक सह आरोपियों की जमानत से जुड़े दस्तावेज सौंपने का आदेश दिया है।
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याचिका दाखिल करते हुए जसवंती देवी ने हाईकोर्ट को बताया कि आरोप के अनुसार 2012 में इस अनाथालय से 103 लड़कियों को राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग की टीम ने मुक्त कराया था। सीबीआई के सामने 12 लड़कियों ने दुष्कर्म, यौन शोषण और गर्भपात करवाए जाने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। पंचकूला की सीबीआई कोर्ट ने 27 अप्रैल 2018 को याची जसवंती देवी, उसके दामाद जय भगवान और ड्राइवर सतीश समेत 9 लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
तथ्यों पर गौर न करने का सीबीआई कोर्ट पर आरोप
उसका कहना है कि सीबीआई कोर्ट ने तथ्यों और बयानों पर गौर किए बिना यह आदेश दिया था, जिसके खिलाफ अपील अभी हाईकोर्ट में एडमिट है। याची ने कहा कि वह पिछले नौ साल से ज्यादा समय से बिना पैरोल के अंबाला सेंट्रल जेल में बंद है। पिछले साल भी सजा निलंबित करने की याचिका खारिज कर दी गई थी। हाईकोर्ट ने अब अगली सुनवाई पर याची पक्ष को सह आरोपियों की जमानत से जुड़े आदेश को सौंपने का आदेश दिया है।
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