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Panchkula News: दस दिन में दूसरी बार पहुंची एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम, भरे सैंपल

Wed, 26 Feb 2025 01:10 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पंचकूला
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सड़क की निर्माण सामग्री की जांच करती एसीबी की टीम
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चार किलोमीटर की सड़क के निर्माण में लगे हैं भ्रष्टाचार के आरोप, रिकॉर्ड खंगाल रही टीम
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संवाद न्यूज एजेंसी
मोरनी। मोरनी-पंचकूला मार्ग पर स्थित थाणां गांव से मारोग पोलिंग बूथ तक की 4 किलोमीटर की सड़क के निर्माण में एंटी करप्शन ब्यूरो ने जांच शुरू कर दी है। भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद एसीबी की टीम ने दस दिन में मंगलवार को दूसरी बार गांव में पहुंचकर सड़क निर्माण में इस्तेमाल सामग्री के सैंपल भरे। वहीं टीम ने अन्य रिकार्ड भी भी खंगाले हैं। एसीबी की टीम के साथ वन विभाग के मौजूदा एवं रिटायर्ड अधिकारी मौजूद रहे। साथ ही शिकायतकर्ता बलजीत सिंह, निर्मल सिंह और अन्य लोग भी उपस्थित रहे। हालांकि अभी जांच प्राथमिक दौर में है। जांच के लिए भरे सैंपल की एफएसएल से रिपोर्ट आने के बाद ही कार्रवाई की जाएगी।
एसीबी की जांच ने वन विभाग और इस सड़क के निर्माण में जुड़े ठेकेदारों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। सूत्रों के अनुसार एसीबी ने निर्माण कार्यों से जुड़े ठेकेदारों को भी मौके पर बुलाया था लेकिन वन विभाग के अफसरों के अलावा कोई नहीं पहुंचा। पिछले दो वर्षों में मरोग पंचायत के युवाओं ने विभिन्न स्तर पर रास्ते के निर्माण में अनियमितताओं की शिकायतें विभिन्न स्तरों पर की थीं। उनकी मांग थी कि सड़क के निर्माण हुए भ्रष्टाचार की उच्च स्तरीय जांच हो। शिकायतों के आधार पर एंटी करप्शन ब्यूरो ने जांच शुरू की। 10 दिन पहले भी टीम ने पहुंचकर रिकॉर्ड की जांच की थी। मंगलवार को जांच को आगे बढ़ाते हुए ब्यूरो ने निर्माण सामग्री के सैंपल भरे, जिनकी रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
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मजबूत और टिकाऊ सड़क बनाई जानी थी

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार थाणा से मरोग गांव तक ऑल वैदर रोड बनाया जाना था। इसे एक मजबूत और टिकाऊ सड़क के रूप में तैयार किया जाना था। ग्रामीणों के आरोपों के अनुसार करीब ढाई करोड़ की राशि खर्चने के बाद भी रास्ता चलने लायक नहीं है। हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि रास्ते की हालत आज पहले से भी बत्तर है। लगभग डेढ़ साल पहले बने इस रास्ते का ग्रामीणों को कोई लाभ नहीं हुआ है।

शिकायतकर्ता बलजीत सिंह, निर्मल सिंह ने बताया कि आरटीआई के तहत जानकारी प्राप्त की, जिसके बाद संदेह हुआ कि निर्माण कार्य में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि जांच निष्पक्ष होगी और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई होगी। फिलहाल, एंटी करप्शन ब्यूरो की रिपोर्ट का इंतजार है।

मोरनी-पिंजौर वन रेंज में उलझा मामला

थाणां गांव से मोरनी तक सड़क का निर्माण दो वन रेंज मोरनी व पिंजौर के तहत करवाया गया है। इसमें करीब 44 लाख रुपये पांच बचाव दीवारों और 3 गोल पुलिया पर पिंजौर रेंज के तहत खर्च किए गए हैं। बाकी पैसा मोरनी वन रेंज में खर्च किया गया है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि पत्थरों के बिल और ड्रेन के निर्माण में गोलमाल किया गया है।

कोट
सड़क निर्माण में इस्तेमाल सामग्री के सैंपल भरे गए हैं। एफएसएल की रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। वन विभाग से रिकाॅर्ड मांगा है। पूरा रिकॉर्ड मिलने के बाद अवलोकन किया जाएगा।
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जय सिंह, जांच अधिकारी, एसीबी
कोट

अधिकारियों के आदेशों के बाद एसीबी टीम के साथ मौका पर गया था। जांच अधिकारियों ने सैंपल भरे हैं। जैसे आदेश होंगे उनका पालन किया जाएगा। सुशील शर्मा, वन रेंज प्रभारी, मोरनी
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