रायपुररानी। राज्य सरकार की नीतियों और वादाखिलाफी के खिलाफ कंप्यूटर लैब अटेंडेंट कर्मचारियों का गुस्सा अब खुलकर सामने आ गया है। भारतीय मजदूर संघ से संबंधित कंप्यूटर लैब अटेंडेंट कर्मचारी संघ ने 6 मई को शिक्षा सदन का घेराव करने का ऐलान करते हुए आर-पार की लड़ाई की चेतावनी दी है।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र प्योंत और प्रदेश महासचिव सुनील राणा ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा कच्चे कर्मचारियों को 58 वर्ष तक नौकरी सुरक्षा देने की घोषणा केवल कागजों तक सीमित रह गई है। जमीनी स्तर पर कर्मचारियों को इसका कोई लाभ नहीं मिल रहा, जिससे उनमें भारी रोष व्याप्त है।
उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा शुरू किए गए पोर्टल पर हजारों कर्मचारियों ने उम्मीद के साथ आवेदन किया था और आवेदन की अंतिम तिथि को तीन बार बढ़ाया गया। इसके बावजूद शिक्षा विभाग के अधिकारियों की लापरवाही और उदासीन रवैये के चलते कंप्यूटर लैब अटेंडेंट कर्मचारियों का पंजीकरण ही नहीं किया गया, जिससे वे नौकरी सुरक्षा के अधिकार से वंचित रह गए।
संघ नेताओं ने आरोप लगाया कि पिछले पांच वर्षों से कर्मचारियों के वेतनमान में कोई वृद्धि नहीं की गई है, जबकि महंगाई लगातार बढ़ रही है। ऐसे में बिना वेतन वृद्धि के काम करना कर्मचारियों के लिए बेहद कठिन हो गया है और उनकी आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।
उन्होंने कहा कि कंप्यूटर लैब अटेंडेंट शिक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा हैं और विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके बावजूद उनके साथ हो रहा भेदभाव और उपेक्षा बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
संघ ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द उनकी मांगों को नहीं माना, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। 6 मई को होने वाला शिक्षा सदन घेराव इसी कड़ी का हिस्सा है, जिसमें प्रदेशभर से बड़ी संख्या में कर्मचारी भाग लेंगे।
कंप्यूटर टीचर वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष बलराम धीमान और कंप्यूटर अध्यापक कल्याण समिति के प्रदेश अध्यक्ष सोनू नरवाल ने भी इस आंदोलन को समर्थन देते हुए प्रदेशभर के कंप्यूटर शिक्षकों से 6 मई को अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की है।