चंडीगढ़। 30 लाख रुपये की फिरौती न देने पर नकोदर के कपड़ा व्यापारी भूपिंदर सिंह उर्फ टिम्मी चावला और उनके सुरक्षा कर्मी मनदीप सिंह की हत्या की साजिश क्यूबा में बैठे नकोदर निवासी अमनदीप पूरेवाला ने रची थी। उसने ही शूटरों व हथियारों का इंतजाम कर वारदात को अंजाम दिलवाया था।
डीजीपी गौरव यादव ने बुधवार को यहां सेक्टर-9 स्थित पंजाब पुलिस के हेडक्वार्टर में प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि सारे आरोपियों की पहचान हो गई। तीन आरोपियों खुशकरन सिंह उर्फ फौजी वासी गांव नंगला तलवंडी साबो, कमलदीप सिंह उर्फ दीप निवासी बठिंडा बेहड़ और मंगा सिंह उर्फ गीता उर्फ बिक्की निवासी गांव जस्सी पोल वाली बठिंडा को काबू किया गया है। वहीं, अमरीक सिंह, नकोदर के मालड़ी वासी गुरिंदर सिंह, सतपाल सिंह उर्फ साजन व ठाकुर की तलाश में छापे मारे जा रहे हैं। आरोपियों से वारदात में प्रयोग की गई पिस्तौल और रेकी करने में इस्तेमाल की गई सफारी कार बरामद कर ली है।
इसलिए चुना था व्यापारी को रंगदारी के लिए
पुलिस जांच में सामने आया कि कपड़ा व्यापारी गांव के ही गुरुद्वारे में माथा टेकने के लिए जाता था। इस दौरान वह दो लग्जरी कारों का प्रयोग करता था। इन दोनों कारों के नंबर वीआईपी थे। इसी चीज को देखकर आरोपियों को लगा कि वह काफी अमीर व्यक्ति है। इसे निशाना बनाया जाना चाहिए। इसके बाद उन्होंने क्यूबा में बैठे अमनदीप सिंह पूरेवाला से संपर्क किया। साथ ही उसकी रेकी कर पता व मोबाइल नंबर हासिल किया। फिर अमनदीप पूरेवाला ने व्यापारी को रंगदारी के लिए दो बार कॉल की थी। इसके बाद भी रकम नहीं दी गई तो उसने अमरीक सिंह गुरिंदर सिंह के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। 7 दिसंबर को दो बाइक पर सवार होकर पांच आरोपी आए जिन्होंने कपड़ा व्यापारी भूपिंदर सिंह उर्फ टिम्मी चावला की गोली मारकर हत्या कर दी।
इस दौरान उनके सुरक्षा कर्मी ने आरोपियों का मुकाबला किया। पता चला है कि आरोपियों ने उसे मारना नहीं था, लेकिन जब वह खुद फंस गए तो उन्होंने हमला कर दिया था। इसमें सुरक्षाकर्मी घायल हो गया था। अस्पताल में उसकी इलाज के दौरान मौत हुई थी। इससे पहले पुलिस जेल से तीन गैंगस्टरों को पूछताछ के लिए लाई थी। उनसे पूछताछ में पुलिस के हाथ अहम सुराग लगे थे। इसके बाद वायस सैंपल आदि का मिलान किया गया।
पुलिस ने दी थी सुरक्षा
कपड़ा व्यापारी ने 3 नवंबर को रंगदारी मांगने संबंधी शिकायत की थी। इसके बाद पुलिस ने तुरंत केस दर्ज कर लिया था। इसके बाद उन्हें दो सुरक्षाकर्मी प्रदान किए गए थे। पुलिस जांच में सामने आया कि अमनदीप सिंह पूरेवाल किसी और गैंग का हिस्सा नहीं था। उसका मकसद सरहदी सूबे में दहशत का माहौल पैदा करना था। ऐसे में उसने कपड़ा व्यापारी टिम्मी चावला को अपना पहला निशाना बनाया। बाद में उसने अमरीक सिंह व गुरिंदर गिंदा के साथ मिलकर टिम्मी चावला को खत्म करने की साजिश रची।