चंडीगढ़। पंजाब में सोमवार से सभी सरकारी और गैर सरकारी स्कूल खुल जाएंगे। मुख्यमंत्री के फैसले के बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने भी स्कूलों को खोलने के लिए सहमति दे दी है। शिक्षा मंत्री विजय इंदर सिंगला ने बताया कि स्कूल में सिर्फ वही शिक्षक व अन्य स्टाफ प्रवेश कर पाएगा, जिसने टीके की दोनों खुराकें ली हैं। साथ ही बिना अभिभावकों की लिखित सहमति के विद्यार्थियों को स्कूल में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। स्कूलों में साफ-सफाई के साथ ही रैंडम सैंपलिंग के लिए अधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया है।
रविवार को शिक्षा मंत्री विजय इंदर सिंगला ने बताया कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की मंजूरी के बाद कोविड की मौजूदा स्थिति को देखते हुए शिक्षा विभाग 2 अगस्त से सभी कक्षाओं के लिए स्कूल फिर से खोलने की तैयारी में है। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि स्कूलों में प्री-प्राइमरी से लेकर सीनियर सेकेंडरी तक की सभी कक्षाएं पहले की तरह (शारीरिक रूप से) चलाई जाएंगी। स्कूल का समय सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक होगा और माता-पिता को अपने बच्चों को स्कूल भेजने से पहले अपनी लिखित सहमति देनी होगी। विजय इंदर सिंगला ने कहा कि महामारी के दौरान शिक्षक केवल ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से छात्रों के संपर्क में थे, लेकिन स्कूलों को फिर से खोलना छात्रों की शिक्षा के उचित मूल्यांकन में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि छात्रों के मूल्यांकन के बाद शिक्षक उन विषयों पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकेंगे, जिन पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा कि फिर से खुलने से स्कूलों और शिक्षकों को व्यावहारिक विषयों के बेहतर शिक्षण के लिए व्यावहारिक कक्षाएं प्रदान करने का अवसर मिलेगा। सिंगला ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों और स्कूल प्रशासकों को स्कूल के आसपास और कक्षाओं में उचित साफ-सफाई सुनिश्चित करने और केंद्र व पंजाब सरकार की ओर से जारी कोविड-19 के दिशा-निर्देशों को सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं, जो सभी स्कूलों को भी भेज दिए हैं।
वैक्सीनेशन की देनी होगी जानकारी
कैबिनेट मंत्री ने जिला शिक्षा अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों को शारीरिक कक्षाओं के संचालन की अनुमति देने से पहले यह सुनिश्चित करना होगा कि उन्होंने टीके की दोनों खुराकें ली हैं या नहीं। साथ ही इसकी सूचना संबंधित जिला प्रशासन को भी देनी होगी।
हर सप्ताह होगी समीक्षा
स्कूल खुलने के बाद शिक्षा सचिव और स्कूल शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारियों के जरिए हर सप्ताह समीक्षा की जाएगी। इसके साथ ही स्कूलों में 100-1 के अनुपात से औचक नमूने भी लिए जाएंगे। जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई विद्यार्थी या अन्य स्टाफ संक्रमण की जद में तो नहीं है।