पंचकूला। पुलिस उपायुक्त मोहित हांडा का कहना है कि कोविड-19 की वर्तमान स्थिति में कोरोना की दवाइयों खासतौर पर रेमडेसिविर इंजेक्शन की ऑनलाइन ठगी भी शुरू हो चुकी है। कई ठग सोशल मीडिया प्लेटफार्म का उपयोग इन दवाओं के नाम पर ठगी कर रहे हैं। ऐसे ऑनलाइन ठगों से सावधान रहने की जरूरत है।
पुलिस उपायुक्त ने कहा कि ठग व्हाट्स-एप, फेसबुक और अन्य माध्यमों से रेमडेसिविर दिलाने का झांसा दे रहे हैं। ऐसे प्लेटफार्म के माध्यम से ठग लोगों की भावनाओं का लाभ उठाकर संदेश देते हैं कि पैसे ट्रांसफर करें और दो घंटे में इंजेक्शन उपलब्ध करवा देंगे। जैसे ही पैसे ट्रांसफर किए जाते हैं, वैसे ही यह लोग अपना फोन तक बंद कर लेेते हैं। यदि कोई यह कहता है कि वह आकर इंजेक्शन ले जाएगा तो वे बताते हैं कि आसपास कोविड पेशेंट हैं, इस वजह से बुला नहीं सकते हैं।
इस संबंध में हरियाणा पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) हरियाणा मनोज यादव ने भी रेमडेसिविर इंजेक्शन और ऑक्सीजन सिलिंडर को लेकर ऑनलाइन ठगों से सावधान रहने की सलाह दी है। डीजीपी ने जमाखोरों को चेतावनी दी है कि ऑक्सीजन सिलिंडर सहित कोविड के उपचार में इस्तेमाल होने वाली अन्य जीवनरक्षक दवाओं की जमाखोरी न करें।