चंडीगढ़। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद किसानों की तरफ से जाम किया गया राष्ट्रीय राजगार्ग को खुलवाने के लिए हरियाणा सरकार सक्रिय हो गई है। सरकार ने संबंधित डीसी और एसपी की किसानों से बातचीत कर रास्ता खुलवाने की जिम्मेदारी लगाई है। सरकार का आदेश मिलने के साथ ही सोनीपत के डीसी और एसपी ने किसान संगठनों से बातचीत शुरू कर दी है। अधिकारियों ने किसान संगठनों रास्ता खोलने के लिए कहा है। उधर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बुधवार को इस विषय पर उच्च स्तरीय बैठक बुला ली है।
मंगलवार को सोनीपत में हुई बैठक में सोनीपत के डीसी ललित सिवाच, एसपी जशनदीप रंधावा और किसान प्रतिनिधि भारत किसान यूनियन दोआबा के अध्यक्ष मंजीत सिंह, कुलदीप सिंह, जगवीर सिंह चौहान, बलवंत सिंह, मेजर सिंह पूनावाल, मुकेश चंद्र, गुरप्रीत, जोगेंद्र सिंह आदि शामिल हुए। काफी देर तक चली बैठक में डीसी ने किसानों से दिल्ली से सोनीपत-पानीपत मार्ग को खाली करने का आग्रह किया। इस पर किसान प्रतिनिधियों ने संगठन की बैठक कर सकारात्मक जवाब देने का आश्वासन दिया है। मालूम हो कि कुडली-सिंघु बॉर्डर को जाम किए बैठे किसानों के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के आदेश मिलने के बाद हरियाणा सरकार जीटी रोड को खुलवाने में जुटी है।
आम जनता को एक तरफ से रास्ता दिलाएं
कई माह से किसान तीन कृषि कानूनों के विरोध में बॉर्डर पर बैठे हैं। इससे आवाजाही में लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। मोनिका अग्रवाल की जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिए हैं कि जनहित में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-44 पर सोनीपत जिले में कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर धरनारत किसानों से एक तरफ के मार्ग को खाली करवाया जाए।
बैठक के बाद सरकार बनाएगी रणनीति
गृहमंत्री अनिल विज किसानों से जीटी रोड खाली कराने के मामले में बुधवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय बैठक होगी। बैठक लिए निर्णय के बाद सरकार आगामी रणनीति बनाएगी।