चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की सख्ती के बाद आखिरकार मालेरकोटला के डिप्टी कमिश्नर और एसएसपी को वहां स्थित गेस्ट हाउस में आवास को तुरंत खाली करने के आदेश का पालन करते हुए पंजाब सरकार ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। पंजाब सरकार ने बताया कि गेस्ट हाउस को खाली कर कब्जा संगरूर के जिला एवं सत्र न्यायाधीश को सौंप दिया गया है जिनके पास फिलहाल मालेरकोटला का भी चार्ज है।
हाईकोर्ट ने डीसी व एसएसपी को गेस्ट हाउस खाली कर इसका कब्जा जिला एवं सत्र न्यायाधीश के आवास व अदालत के लिए सौंपने का आदेश दिया था। बीते दिनों सुप्रीम कोर्ट में पंजाब की ओर से तीन महीने का समय मांगा था। उन्होंने कहा कि राज्य आदेश को वापस नहीं लेना चाहता, सिर्फ उसे लागू करने के लिए और समय चाहता है।
वहीं अदालत के वकील ने सुप्रीम कोर्ट में पंजाब सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा था कि राज्य ने अपनी अपील 14 नवंबर को वापस लेते समय यह तथ्य नहीं बताया कि हाईकोर्ट पहले ही 1 अक्तूबर को उसकी समीक्षा याचिका खारिज कर चुका है। राज्य की ओर से अदालत को बताया कि मालेरकोटला में दो नए कोर्टरूम बन चुके हैं और फैमिली कोर्ट का काम शुरू हो गया है।
पंजाब सरकार ने डीसी और एसएसपी आवास खाली कराने में दिक्कतें बताते हुए कहा गया था कि वहां पुलिस कंट्रोल रूम और कार्यालय चल रहे हैं जिन्हें हटाना आसान नहीं है। अब जब पंजाब सरकार ने गेस्ट हाउस खाली करने की जानकारी दी तो हाईकोर्ट के वकील ने कहा कि इसे तब तक उपयोग की अनुमति दी गई है जब तक जिला एवं सत्र न्यायाधीश के लिए स्थाई आवास व अदालत का इंतजाम नहीं होता। कोर्ट ने इस शर्त को गलत मानते हुए कहा कि यह अलॉटमेंट हाईकोर्ट के फैसले पर निर्भर होगी।