स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल की टीम अर्शवीर सिंह बाजवा को पटियाला जेल और बलजीत सिंह को फरीदकोट जेल से प्रोडक्शन वारंट पर मोहाली लेकर आई है। जल्दी ही भारत भूषण उर्फ भोला नाम के आरोपी को भी पुलिस प्रोडक्शन वारंट पर लाने की तैयारी कर रही है।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के साथ ही पंजाब पुलिस ने भी टेरर फंडिंग मामले की जांच तेज कर दी है। जेलों में बंद आरोपियों को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ की जा रही है। इसी कड़ी में स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल की टीम अर्शवीर सिंह बाजवा को पटियाला जेल और बलजीत सिंह को फरीदकोट जेल से प्रोडक्शन वारंट पर मोहाली लेकर आई है। जल्दी ही भारत भूषण उर्फ भोला नाम के आरोपी को भी पुलिस प्रोडक्शन वारंट पर लाने की तैयारी कर रही है। पुलिस को उम्मीद है कि इनसे पूछताछ में कई राज खुलेंगे।
विज्ञापन
पिछले दिनों पुलिस के हाथ टेरर फंडिंग मामले कुछ अहम सुराग लगे हैं। इसके बाद पुलिस की टीमें पैरी नाम के युवक की तलाश में छापे मार रहीं हैं। अर्शवीर ने पुलिस के समक्ष खुलासा किया है कि पैरी के सीधे गोल्डी बराड़ से लिंक हैं।
सूत्रों के मुताबिक फरीदकोट जेल में बंद भोला डेरा प्रेमी हत्याकांड में शामिल मनप्रीत सिंह मनी का करीबी रिश्तेदार है। अर्शवीर सिंह ने मनी के खाते में 20 हजार रुपये जमा करवाए थे। इस बात का खुलासा उस समय हुआ था जब पुलिस ने मनी को गिरफ्तार किया था। साथ ही उसके बैंक खातों की पड़ताल की थी। इसके बाद से पुलिस की टीमें कई जगह छापे मार चुकी हैं। कई अहम जानकारियां पुलिस के हाथ लगी हैं।
विज्ञापन
28 अक्तूबर को स्पेशल ऑपरेशन सेल ने एक एफआईआर दर्ज की थी। इसमें तरसेम सिंह, जगरूप सिंह उर्फ रूप, अमृतपाल सिंह उर्फ एमी, मनप्रीत सिंह उर्फ पीता, हरजोत सिंह, हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी, अमनदीप सिंह उर्फ अमन खालिस्तानी, गुरपिंदर सिंह, गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी व दीपक कुमार को नामजद किया था। इनमें से अधिकतर आरोपी विदेशों में बैठे हैं। साथ ही विभिन्न माध्यमों से भारत में जुड़े हुए हैं, जिनका मकसद भारत का माहौल बिगाड़ना है।