हरियाणा में डीएमसी डिग्री देरी से मिलने के कारण अगले कोर्स में एससी विद्यार्थियों के दाखिले अटक गए हैं। पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति न मिलने के कारण वे फीस जमा नहीं करवा पाए, जिससे अनेक विश्वविद्यालयों ने डीएमसी रोक दी। इससे वे डिग्री के लिए भी आवेदन नहीं कर सके। इसके विरोध में डेढ़ सौ से अधिक विद्यार्थियों ने सरकार के पास विवि की शिकायत कर दी।
सरकार के दबाव में विश्वविद्यालयों ने फीस न भर पाने वाले एससी विद्यार्थियों को अब डीएमसी देनी शुरू कर दी हैं लेकिन उन्हें अगले कोर्स में दाखिला नहीं मिल पा रहा। डीएमसी देरी से मिलने के तर्क को भी कई संस्थान नहीं मान रहे। आंबेडकर स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने सरकार ने इन विद्यार्थियों का दाखिला अगले कोर्स में करवाने का आग्रह किया है।
एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष गौतम भौरिया ने बताया कि अनेक कॉलेजों एवं विश्वविद्यालयों ने विद्यार्थियों की डीएमसी रोक दी थी। पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति जारी न होने पर वे समय से फीस नहीं भर पाए। इस मुद्दे को उन्होंने राज्यपाल, मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री व उच्च शिक्षा विभाग के महानिदेशक के समक्ष पत्र के जरिये उठाया।
मामले की गंभीरता को समझते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने हरियाणा के सभी विश्वविद्यालयों, जिला कल्याण विभाग को निर्देश दिए कि एक भी विद्यार्थी की डीएमसी नहीं रुकनी चाहिए। डीएमसी के बाद उन्हें डिग्री भी जल्दी जारी करें। कोई भी कॉलेज व विश्वविद्यालय डिग्री नहीं रोक सकता है। भौरिया ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है जो विद्यार्थी अगले कोर्स में प्रवेश नहीं ले पाए हैं, उनकी भी मदद करें।